टीम एबीएन, रांची। झारखंड के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आज उनके कार्यालय कक्ष में भारत सरकार की प्रतिष्ठित स्वास्थ्य क्षेत्र की कंपनी एचएलएल हेल्थकेयर लिमिटेड ने एक विस्तृत प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया।
कंपनी ने राज्य में स्वास्थ्य अवसंरचना विकास, अस्पताल निर्माण, परियोजना निगरानी, उपकरण क्रय, अस्पताल संचालन, प्रशिक्षण एवं स्टीमुलेशन केंद्रों की स्थापना से संबंधित अपनी सेवाओं की जानकारी दी।
बैठक के दौरान एचएलएल ने बताया कि वह देशभर में स्वास्थ्य अवसंरचना विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर कंसल्टेंसी, निर्माण कंसल्टेंसी, पीपीपी मोड पर अस्पताल संचालन, प्रशिक्षण एवं सिमुलेशन केंद्रों की स्थापना जैसे कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रही है।
कंपनी द्वारा देश के कई एम्स अस्पताल के निर्माण एवं विकास कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में झारखंड में अस्पताल भवनों का निर्माण मुख्यत: झारखंड बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन के माध्यम से किया जाता है।
हालांकि स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित विशिष्ट तकनीकी विशेषज्ञता के अभाव में अत्याधुनिक अस्पतालों के डिजाइन, निर्माण एवं संचालन में कई व्यावहारिक चुनौतियां सामने आती रही हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कंसल्टेंट (पीएमसी) के रूप में एचएलएल जैसी विशेषज्ञ संस्था की सेवाएं लेने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है।
प्रेजेंटेशन में झारखंड में नए अस्पतालों के निर्माण हेतु तकनीकी परामर्श, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद, अस्पताल प्रबंधन एवं संचालन, चिकित्सकों, तकनीशियनों तथा पैरामेडिकल कर्मियों के प्रशिक्षण और ट्रेनिंग-कम-सिमुलेशन सेंटर की स्थापना के संबंध में विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। कंपनी ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने के लिए अपनी विशेषज्ञता उपलब्ध कराने की इच्छा व्यक्त की।
बैठक में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में राज्य में पीएमसी अर्थात प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कंसल्टेंट व्यवस्था को मजबूत करने तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सह ट्रॉमा सेंटरों को पूर्ण विकसित स्वास्थ्य संस्थानों के रूप में स्थापित करने की आवश्यकता है। उन्होंने एचएलएल को राज्य के सीएचसी सह ट्रॉमा सेंटरों के समग्र विकास के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित ऐसे अस्पताल, जो सदर अस्पतालों को छोड़कर वर्तमान में पूर्ण क्षमता से संचालित नहीं हो पा रहे हैं, उन्हें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के माध्यम से संचालित करने की संभावनाओं पर भी कंपनी अपना परामर्श एवं प्रस्ताव उपलब्ध कराये।
बैठक में निर्णय लिया गया कि एचएलएल आगामी सात दिनों के भीतर विभाग को विस्तृत प्रस्ताव उपलब्ध करायेगा, जिसके आधार पर आगे की कार्यवाही की जायेगी। बैठक में विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, एनएचएम के प्रबंध निदेशक शशि प्रकाश झा, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, निदेशक प्रमुख डॉ. सिद्धार्थ सान्याल तथा एचएलएल के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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