एबीएन एडिटोरियल डेस्क। इस समय भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में कांग्रेस मुख्य विपक्ष की भूमिका में है। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी लीडर आॅफ अपोजिशन के पद पर विराजमान हैं। वर्तमान कांग्रेस के प्रकृति में लगता है कि राष्ट्रीय संकट के समय रचनात्मक सहयोग जैसा कोई वस्तु है ही नहीं।
अमेरिका-इजरायल तथा ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण ऊर्जा के कच्चा तेल एवं प्राकृतिक गैस की आपूर्ति चैनल में रुकावट पैदा हुई है जिसका प्रभाव भारत समेत दुनिया भर में दिखाई दे रहा है। आरंभ से ही कांग्रेस मोदीजी की सरकार के ऊपर हमलावर है, जैसे इस युद्ध के कारण उत्पन्न स्थिति में भारत की भी कोई भूमिका है।
ईरान भारत को अपना मित्र देश बात कर होर्मूज जल मार्ग से भारतीय जहाज को निकलने दे रहा है। 60 दिनों तक के लिए भारत के पास ऊर्जा का संग्रहण है। दुनिया के कई देशों में तेल का राशनिंग किया गया है जबकि भारत में सब कुछ सामान्य स्वरूप में चल रहा है। सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस जाएगी नहीं, समस्या से निपटने के लिए कोई सुझाव देगी नहीं और देश को घबराहट की स्थिति में लाने के लिए उल्टा सीधा बयान देगी।
सच पूछा जाए तो इस समय पूरे देश को एकजुट रहना राष्ट्रीय हित में आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आह्वान किया है कि सभी राज्य सरकारों को केंद्र सरकार के साथ मिलकर टीम इंडिया की तरह काम करना होगा और इसी क्रम में आज मोदी जी सभी मुख्यमंत्री से संवाद करने वाले हैं।
लोहरदगा में पैनिक जैसा कुछ नहीं दिखाई दे रहा है। आवश्यक ऊर्जा की आपूर्ति सामान्य स्वरूप में चल रही है। अगर किन्हीं को दिखाई नहीं दे रहा है तो उन्हें अपनी दृष्टिदोष का उपचार कराना चाहिए...
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse