संत रामपाल जी के बोध दिवस के उपलक्ष्य में 21 जोड़ों का हुआ दहेज मुक्त विवाह

 

लाखों की तादाद में आए श्रद्धालु 

कमल सिंह लोधा 

एबीएन सेंट्रल डेस्क (बेतूल)। सतलोक आश्रम उड़दन, बैतूल में संत रामपाल जी महाराज जी के सान्निध्य में रविवार से शुरू हुए महाविशाल भंडारे समागम का आज दूसरा दिन था। तीन दिनों तक चलने वाले इस महाविशाल समागम में लाखों की तादाद में भक्तगण आकर भंडारा प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं समागम की शुरुआत अखंड पाठ की वाणी के साथ हुई। हर वर्ष संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में विशाल समागमों का आयोजन किया जाता है, जिसमें पूरे विश्व को भंडारे के लिए आमंत्रित किया जाता है। 

इस बार संत रामपाल जी महाराज जी के बोध दिवस के उपलक्ष्य में 15 से 17 फरवरी तक महाविशाल समागम मनाया जा रहा है, जिसमें 3 दिवसीय महाविशाल भंडारा व संत गरीबदास जी महाराज जी की अमृतमय वाणी का खुला पाठ आयोजित किया गया है। साथ ही अन्य कार्यक्रम जैसे रक्त दान शिविर, दहेज मुक्त विवाह का आयोजन 16 फरवरी को किया गया। 

इस बार संत रामपाल जी महाराज जी के पावन सान्निध्य में 21 जोड़ों का दहेज मुक्त विवाह संपन्न हुआ, जो महज 17 मिनट में ही गुरुवाणी के माध्यम से संपन्न हुआ। जिसमें किसी भी प्रकार का कोई बाहरी आडंबर देखने को नहीं मिला, वर व वधू ने साधारण कपड़े पहन रखे थे। किसी भी प्रकार का कोई श्रृंगार देखने को नहीं मिला। इस 3 दिवसीय समागम में आश्रम की ओर से प्रेरणादायी प्रदर्शनी भी लगायी गयी है। इस प्रदर्शनी का भी भक्तों ने बढ़ चढ़कर अवलोकन किया। 

इस प्रदर्शनी के माध्यम से संत रामपाल जी महाराज जी के संघर्ष के स्थान संत और परमात्मा के मिलन के बारे में बताया गया कि किस प्रकार संत रामपाल जी महाराज को कबीर परमात्मा सतलोक से आकर मिले और उन्हें सशरीर सतलोक भेजकर स्वयं संत रामपाल जी महाराज के रूप में तत्वज्ञान लोगों तक पहुंचा रहे हैं। इसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध अन्नपूर्णा मुहिम की शुरुआत कैसे हुई यह जानकारी भी कट आउट प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को जानने को मिली। सतलोक आश्रम बैतूल में लाखों की तादाद में श्रद्धालु भंडारा लेने के लिए पहुंच रहे हैं।

बताया जा रहा है कि सतलोक आश्रम बैतूल में कई अन्य राज्यों से संगत आ रही है जिसके कारण भीड़ भाड़ में किसी को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए भी पूरी व्यवस्था की गयी है। सेवादारों ने बताया कि पूर्ण संत के सानिध्य में आदरणीय गरीबदास जी महाराज द्वारा लिखित अमर ग्रन्थ साहिब की वाणी का श्रवण करने से मन, चित्त व आत्मा के साथ वातावरण भी शुद्ध होता है और हमारे पापों का नाश होता है। 

वर्तमान में वो पूर्ण संत केवल जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी ही है जिनके सानिध्य में पुरे विश्व को खुला निमंत्रण देकर इस महाविशाल भंडारे का आयोजन हुआ है। समागम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चौबीसों घंटे शुद्ध देशी घी से निर्मित लड्डू, जलेबी, हलवा, सब्जी, पुड़ी, दाल, चावल का भंडारा चल रहा है साथ ही वापस घर जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को भंडारा प्रसाद के पैकेट भी वितरित किए जा रहे है। 

भंडारे में आने वाले श्रद्धालु प्रशंसा करते थक नहीं रहे कि ऐसा भंडारा जहाँ लाखों की तादाद में लोग आ रहे हैं और उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हो रही है, यह केवल सतलोक आश्रम में ही संभव है। और ये केवल पूर्ण परमात्मा ही करवा सकते है। शंका समाधान में अपने धर्मग्रंथों से प्रमाण देखकर इस अनमोल ज्ञान से परिचित होकर अभी तक 3221 पुण्यात्माओं ने संत रामपाल जी महाराज जी को अपना गुरु धारण कर नामदीक्षा ली है। 

संत रामपाल जी महाराज के आदेश से लगाए गए रक्तदान शिविर में बढ़-चढ़ अनुयायियों ने रक्त का दान किया, प्राप्त जानकारी अनुसार 218 यूनिट रक्त जिला चिकित्सालय बैतूल को दिया गया जिसे देखकर जिला चिकित्सालय बैतूल द्वारा एक बार पुन: संत रामपाल जी महाराज जी की संस्था को रक्तश्री सम्मान से सम्मानित किया गया। देहदान शिविर में समागम के दूसरे दिन तक 2754 लोगों द्वारा देहदान के संकल्प फॉर्म भरें गए है जो चिकित्सा विभाग के लिए बच्चों की पढ़ाई में सहयोगी होंगे। कल इस महाविशाल समागम का भोग की वाणी के साथ समापन होगा

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