15वें वित्त आयोग और पीएम अभीम की समीक्षा

 

2 फरवरी को समीक्षा और चेतावनी, 6 फरवरी को उप विकास आयुक्तों संग बैठक कर निर्माण व खर्च में तेजी के निर्देश 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सरकार अब केवल समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक्शन मोड में नजर आ रही है। बीते दोनों सभी सिविल सर्जन को केवल चेतावनी दी गयी थी और आज अपर मुख्य सचिव ने सभी उप विकास एक्टों को पीएम अफीम और 15वें वित्त आयोग की राशि का निर्माण व खर्च में तेजी के निर्देश दिया। 

दिनांक 2 फरवरी 2026 को अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा की अध्यक्षता में सभी जिलों के सिविल सर्जनों के साथ समीक्षा बैठक हुई थी। इस बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), मुख्यमंत्री अस्पताल रखरखाव योजना, 15वां वित्त आयोग और पीएम-अभीम की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। 

आज 6 फरवरी 2026 को अपर मुख्य सचिव ने एक कदम आगे बढ़ते हुए सभी जिलों के उप विकास आयुक्तों (डीडीसी) के साथ 15वें वित्त आयोग और पीएम-अभीम की प्रगति की अलग से समीक्षा की।  

इस बैठक में एचएससी, पीएचसी, बीपीएचयू, आईपीएच और यूएएम जैसी स्वास्थ्य इकाइयों के निर्माण कार्यों में हो रही देरी पर सख्त रुख अपनाया गया। अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि जहां भी निर्माण कार्य बाधित हैं, वहां तुरंत कारणों की पहचान कर उन्हें पूरा कराया जाए। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, अपर सचिव विद्यानंद शर्मा पंकज और उप सचिव ध्रुव प्रसाद के साथ केपीएमजी के लालमोहन उपस्थित थे। 

अपर मुख्य सचिव ने यह भी सवाल उठाया कि कई स्थानों पर क्या ऐसे स्वास्थ्य केंद्र हैं जिनका निर्माण तो पूरा हो गया इसके बावजूद फंक्शनल नहीं हैं। ऐसे सभी मामलों में तत्काल स्थिति का आकलन कर केंद्रों को चालू करने का निर्देश दिया गया। साथ ही अन्य योजनाओं में पड़ी राशि को शीघ्र खर्च कर विकास कार्यों को पूरा करने पर जोर दिया गया। 

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