टीम एबीएन, रांची। राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत अब लाभुकों को एक ही सूचीबद्ध अस्पताल में उपलब्ध सभी रोगों का इलाज मिल सकेगा। यह नयी व्यवस्था नये बीमा वर्ष से लागू होगी। इसके लिए झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी द्वारा नया टेंडर आमंत्रित किया गया है। इस संबंध में आज नामकुम स्थित निदेशालय भवन में प्री-बिड मीटिंग का आयोजन किया गया।
बैठक की अध्यक्षता झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन ने की। बैठक के दौरान प्री-बिड में शामिल बीमा कंपनियों द्वारा उठाई गई सभी शंकाओं का समाधान किया गया। शंकाओं से संबंधित समाधान को तीन दिनों बाद वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया जाएगा।
कार्यकारी निदेशक छवि रंजन ने बताया कि यह योजना वर्ष 2025 में लागू हुई थी, लेकिन लाभुकों की यह शिकायत सामने आ रही थी कि एक ही अस्पताल में सभी रोगों का इलाज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए नयी व्यवस्था लायी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए बीमा वर्ष से पहले सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली जायेंगी।
उन्होंने बीडर्स से कहा कि ऐसे अस्पतालों का ही चयन किया जाए, जहां उपलब्ध सभी चिकित्सीय सेवाओं का लाभ लाभुकों को मिल सके। उनका कहना था कि योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि किसी भी स्थिति में लाभुकों को परेशानी न हो और उन्हें प्रभावी, सुलभ एवं कैशलेस इलाज मिल सके।
बैठक में झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी की अपर कार्यकारी निदेशक सीमा सिंह, महाप्रबंधक प्रवीण चंद्र मिश्रा तथा पदाधिकारी कुणाल भारती, अंशु कुमार सिंह और विवेक कुमार उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों को पूरी योजना और बीड प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
जानकारी दी गयी कि राज्य से बाहर देशभर में 237 अस्पतालों को सूचीबद्धता के लिए चिन्हित किया गया है। इसके साथ ही 12 लिस्टेड अस्पतालों को अनिवार्य रूप से सूचीबद्ध करना चयनित बीमा कंपनी के लिए आवश्यक होगा। इन अस्पतालों में वास्तविक दरों पर बीमा कंपनी द्वारा भुगतान किया जायेगा।
इन 12 प्रमुख अस्पतालों में सीएमसी वेल्लोर, शंकर नेत्रालय, नारायण इंस्टीट्यूट आॅफ कार्डियक साइंसेज, एआईजी हैदराबाद, टाटा ग्रुप के सभी अस्पताल, आईएलबीएस नई दिल्ली, अपोलो हॉस्पिटल चेन्नई, मेदांता गुड़गांव, नेशनल हार्ट इंस्टीट्यूट, नारायण हेल्थ बेंगलुरु और बीएम बिरला अस्पताल शामिल हैं। इसके अलावा झारखंड के सभी बड़े अस्पतालों की सूची तैयार की गई है, जिन्हें बीमा कंपनी को सूचीबद्ध करना अनिवार्य होगा।
इनमें सीजीएचएस अंतर्गत अनुबंधित अस्पताल (एनएबीएच मान्यता प्राप्त), सीजीएचएस अंतर्गत अनुबंधित लेकिन नॉन-एनएबीएच, एनएबीएच मान्यता प्राप्त तथा अन्य अस्पताल शामिल हैं। साथ ही राज्य से सटे अन्य राज्यों में स्थित कई दर्जन अस्पतालों को भी सूची में शामिल किया गया है, ताकि लाभुकों को इलाज में किसी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें सहज एवं कैशलेस स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
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