टीम एबीएन, रांची। भाजपा नेत्री नुपुर शर्मा के विवादित बयान के खिलाफ रांची में हुए बवाल और हिंसा मामले को लेकर सीआईडी ने अपनी चार्जशीट दायर कर दी है। रांची के मेन रोड में 10 जून को जुम्मा की नमाज के बाद हिंसा हुई थी। इस दौरान उपद्रवियों द्वार जमकर तोड़फोड़ की गई थी, वहीं इस हिंसा में करीब दर्जन भर पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। 10 जून को हुई हिंसा के मामले सीआईडी ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि जुमे की नमाज के बाद उपद्रव, पत्थरबाजी व गोलीबारी की गई थी। सीआईडी ने चार्जशीट में ये भी जिक्र किया है कि उपद्रवी सुनियोजित तरीके से इस हिंसा में शामिल हुए थे। उनके पास भरी मात्रा में पत्थर और हथियार भी थे। सुनियोजित तरीके की इस साजिश का उद्देश्य सांप्रदायिक तनाव भड़काने के साथ-साथ शहर को सांप्रदायिकता की आग में झोंकने का था, वहीं जब उपद्रवियों को रोकने पुलिस पहुंची थी तो उपद्रवियों ने उन्हें भी अपना निशान बनाया। सीआईडी की जांच के ये बातें भी सामने आई है कि पुलिस अफसरों पर जानलेवा हमला करने से भी उपद्रवी नहीं चुके। सीआईडी की चार्जशीट में फिलहाल मोहम्मद अमजद, इरफान जुवेर आलम उर्फ इरफान अंसारी, मोहम्मद माज, अरमान हुसैन, सरफराज आलम, शहबाज, अफसर आलम व रमजान अली व तीन अन्य शामिल हैं। इनके अलावा चार्जशीट में उन दोनों मृतकों मुद्दस्सिर उर्फ कैफी व मोहम्मद साहिल के नाम का भी जिक्र है जिनकी उपद्रव के दौरान गोली लगने से मौत हुई थी। 10 जून को हुई हिंसा मामले में रांची के विभिन्न थानों में कुल 47 केस दर्ज हैं, जिनमें से एक केस जो डेली मार्केट थाने में टाउन सीओ के द्वारा दर्ज कराया गया था, उस केस को सीआईडी ने टेकओवर किया था। इस हिंसा मामले में बिहार और यूपी के कनेक्शन की भी बात सामने आई थी, वहीं इसके साथ हीं कई ऐसे मैसेजे भी मिले थे जिससे ये बातें पुख्ता हो रही थी कि इस हिंसा के पीछे सुनियोजित साजिश है। फिलहाल इसकी भी जांच की जा रही है कि आखिर वो कौन लोग थे जो दूसरे राज्यों से रांची पहुंच राजधानी का अमन-चैन छीनने की साजिश रचे थे।
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