एबीएन बिजनेस डेस्क। वाणिज्यिक बैंकों के ऋण में वृद्धि करीब 9 महीने के उच्च स्तर पर है और इसमें 26 अगस्त को समाप्त सप्ताह में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 15.5 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। हाल में जारी भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक यह 1 नवंबर, 2013 के बाद का उच्चतम स्तर है, जब वृद्धि 16.1 प्रतिशत थी। चालू वित्त वर्ष में अब तक बैंकों ने 5.66 लाख करोड़ रुपए कर्ज दिए हैं। इंडिया रेटिंग्स में डायरेक्टर एवं हेड, फाइनैंशियल इंस्टीट्यूशंस प्रकाश अग्रवाल ने कहा, व्यवस्था में ऋण में वृद्धि तेज है और यह कई साल के उच्च स्तर पर है लेकिन 20 प्रतिशत बढ़ोतरी चुनौतीपूर्ण नजर आती है क्योंकि ज्यादातर कर्ज खुदरा क्षेत्र में लिया गया है। उन्होंने कहा कि ऋण में वृद्धि 20 प्रतिशत हो, इसके लिए आर्थिक वृद्धि की रफ्तार बहुत तेज होनी चाहिए और इसके लिए जमा में भी बढ़ोतरी करनी होगी। आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल की तुलना में जमा में 9.5 प्रतिशत वृद्धि हुई है। इस वित्त वर्ष में जमा में वृद्धि, ऋण वृद्धि से पिछड़ रही है। इसे देखते हुए विश्लेषकों में यह चिंता है कि कम जमा ऋण में वृद्धि की राह में बड़ा व्यवधान बन सकती है। मैक्वैरी रिसर्च ने एक रिपोर्ट में कहा है, हम कर्ज में वृद्धि में स्थिर आधार पर व्यापक विस्तार देख रहे हैं, भले ही ब्याज दरें बढ़ी हैं। इसे हमने सकारात्मक रूप में लिया है।
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