हिंदुस्तानी होगा पार्टी का नाम, कश्मीरी पंडितों को बसाना एजेंडा : आजाद

 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पार्टी छोड़ चुके कद्दावर कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने नया बिगुल फूंक दिया है। गुलाम नबी आजाद ने अपनी पार्टी को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि मेरी पार्टी का नाम हिंदुस्तानी होगा जो हिंदू मुस्लिम सिख इसाई सभी समझें। उन्होंने कहा, जो नई पार्टी बनेगी उसको लोग नाम दे रहे हैं जो गलत है। मेरी पार्टी का नाम और झंडा वही होगा जो जम्मू कश्मीर के लोग तय करेंगे। उन्होंने कहा, मैं अब दिल्ली में बैठकर आपके लिए फरमान नहीं जारी करूंगा कि मेरे झंडा यह है और यह मेरा नाम है। मेरे पास कई नाम आये। कुछ में उर्दू ज्यादा थी कुछ में संस्कृत ज्यादा थी, मेरी पार्टी का नाम हिंदुस्तानी होगा जो हिंदू मुस्लिम सिख इसाई सभी समझे। गुलाम नबी आजाद ने पार्टी के एजेंडे के बारे में बात करते हुए कहा, मेरी विधानसभा में लेफ्टिनेंट गवर्नर नहीं बल्कि गवर्नर होगा। मेरा पहला काम होगा रेस्टोरेशन ऑफ फुल स्टेटहुड राइट टू लैंड, डोमिसाइल एंड टू एम्प्लॉयमेंट। जम्मू कश्मीर में युवा को ही रोजगार मिले। बिहार से किसी को जम्मू कश्मीर में नौकरी ना मिले। मेरे एजेंडा में कश्मीरी पंडितों को कश्मीर घाटी में वापस बसाना भी है। कश्मीर पंडितों को वापस लाने का वादा : गुलाम नबी आजाद ने पार्टी के एजेंडे के बारे में बात करते हुए कहा, मेरी विधानसभा में लेफ्टिनेंट गवर्नर नहीं बल्कि गवर्नर होगा। मेरा पहला काम होगा रेस्टोरेशन ऑफ फुल स्टेटहुड राइट टू लैंड, डोमिसाइल एंड टू एम्प्लॉयमेंट। जम्मू कश्मीर में युवा को ही रोजगार मिले। बिहार से किसी को जम्मू कश्मीर में नौकरी ना मिले। मेरे एजेंडा में कश्मीरी पंडितों को कश्मीर घाटी में वापस बसाना भी है। गुलाम नबी आजाद ने पार्टी के एजेंडे के बारे में बात करते हुए कहा, मेरी विधानसभा में लेफ्टिनेंट गवर्नर नहीं बल्कि गवर्नर होगा। मेरा पहला काम होगा रेस्टोरेशन ऑफ फुल स्टेटहुड राइट टू लैंड, डोमिसाइल एंड टू एम्प्लॉयमेंट। जम्मू कश्मीर में युवा को ही रोजगार मिले। बिहार से किसी को जम्मू कश्मीर में नौकरी ना मिले। मेरे एजेंडा में कश्मीरी पंडितों को कश्मीर घाटी में वापस बसाना भी है। उन्होंने कहा, कश्मीर में जो हाल ही में कश्मीरी पंडितों की किलिंग हुई वह बंद होनी चाहिए। नये रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए मेरे पास भंडार है। जम्मू कश्मीर की एक-एक पहाड़ी, कश्मीर में पर्यटन के अवसर है, जम्मू में भी पर्यटन स्थल है लेकिन वहां तक सड़के बनाने की जरूरत है। गुलाम नबी आजाद ने कहा, जितने भी नेता कार्यकर्ता आज यहां पर आए हैं मुझसे पूछ कर नहीं आए हैं और ना मुझे इस्तीफा दिया। इस्तीफा देने के बाद मुझे बताया मैं इनका तहे दिल से शुक्रिया करता हूं। जम्मू कश्मीर में रोजगार युवाओं को देना और क्रिएट करना यह भी हमारी पार्टी का एजेंडा होगा। उन्होंने कहा, मैं जब यहां मुख्यमंत्री था तो जो कर सकता था किया, जो नहीं कर सकता वह दिल्ली से करवाया। मैंने अपने ढाई साल की कार्यकाल में काफी काम जम्मू कश्मीर में किया। डबल और ट्रिपल शिफ्ट, टयूलिप गार्डन मेरे ही वक़्त में बनाया। मुझे फकर है। यात्री निवास हज हाउस और भी कई काम मैंने जम्मू कश्मीर में किया है।

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