टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री से जुड़े ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में राजभवन की तरफ से अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं किये जाने के कारण झारखंड में राजनीतिक अस्थिरता का माहौल है। रविवार को सत्ताधारी दल के चार मंत्रियों ने एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्यपाल से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। मिली जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को विधायक पद से अयोग्य करार देने की सिफारिश की है, लेकिन अभी तक राज्यपाल की तरफ से उस पर अपना मंतव्य चुनाव आयोग को नहीं भेजा गया है। इस बीच पिछले 25 अगस्त से मुख्यमंत्री आवास पर सत्ताधारी दल के विधायकों की समय-समय पर बैठकें चल रही हैं। कांग्रेस के विधायकों को एकजुट रखने के लिए खुद प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने मोर्चा संभाल रखा है। इस बीच कांग्रेस ने कैश कांड में शामिल अपने तीन विधायकों इरफान अंसारी, नमन विक्सल और राजेश कच्छप के खिलाफ दल बदल के तहत कार्रवाई करने की स्पीकर से शिकायत कर साफ संदेश दे दिया है कि ऐसे हालात में पलटी मारने वाले विधायकों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी। इधर, सत्ताधारी दलों के दबाव को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि आज शाम तक राजभवन पूरे मामले पर अपना स्टैंड क्लियर कर सकता है। खास बात है कि राजनीतिक अस्थिरता की वजह से झारखंड का विकास कार्य प्रभावित हुआ है, सचिवालय में गतिविधि ठप है।
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