शिक्षा-स्वास्थ्य क्षेत्र के कायाकल्प को "मिशन मोड" में प्रयास कर रही सरकार : पीएम

 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार पूरी निष्ठा और ईमानदारी से देश के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र का कायाकल्प करने का "मिशन मोड" में प्रयास कर रही है। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं को प्रोत्साहन दिया जा रहा है तथा निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी कर प्रभावी सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी (पीपीपी) की जा रही है। यहां 6,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 133 एकड़ क्षेत्र में बने 2,600 बिस्तरों वाले अमृता अस्पताल का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह बात कही। पीएम ने उम्मीद जताई कि अमृता अस्पताल देश के दूसरे सभी संस्थानों के लिए भी एक आदर्श बनेगा। मोदी ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक संस्थानों द्वारा शिक्षा व चिकित्सा से जुड़ी जिम्मेदारियों के निर्वहन की व्यवस्था एक तरह से पुराने समय से है और यह पीपीपी मॉडल ही है लेकिन वह इसे "परस्पर प्रयास" के तौर पर भी देखते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य अपने स्तर से व्यवस्था खड़ी करते हैं और बड़े-बड़े विश्वविद्यालयों के निर्माण में भूमिका निभाते हैं लेकिन साथ ही धार्मिक संस्थान भी इसका एक महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। उन्होंने कहा, आज देश भी यह कोशिश कर रहा है कि सरकार पूरी निष्ठा और ईमानदारी से मिशन मोड में देश के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र का कायाकल्प करें। इसके लिए सामाजिक संस्थाओं को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी कर प्रभावी पीपीपी मॉडल तैयार हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले ही देश ने एक नयी ऊर्जा के साथ आजादी के "अमृत काल" में प्रवेश किया है और इसमें देश के सामूहिक प्रयास प्रतिष्ठित हो रहे हैं तथा देश के सामूहिक विचार जागृत हो रहे हैं। उन्होंने कहा, मुझे खुशी है अमृत काल की इस प्रथम बेला में मां अमृतानंदमयी के आशीर्वाद का अमृत भी देश को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अमृता अस्पताल के रूप में फरीदाबाद में आरोग्य का इतना बड़ा संस्थान स्थापित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल इमारत व प्रौद्योगिकी के हिसाब से जितना आधुनिक है, सेवा, संवेदना और आध्यात्मिक चेतना के हिसाब से भी उतना ही अलौकिक है। उन्होंने कहा, आधुनिकता और आध्यात्मिकता का समागम गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों की सेवा का, उनके लिए सुलभ प्रभावी इलाज का मध्यम बनेगा। उद्घाटन समारोह में हरियाणा के राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, केंद्रीय मंत्री व फरीदाबाद के सांसद कृष्ण पाल गुर्जर, अम्मा के नाम से प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी देवी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इससे पहले, प्रधानमंत्री ने अस्पताल के प्रांगण में दीप प्रज्जवलित भी किया। चरणबद्ध तरीके से होगा विकसित : अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस अस्पताल का प्रबंधन माता अमृतानन्दमयी मठ करेगा। दिल्ली-मथुरा रोड पर फरीदाबाद के सेक्टर 88 स्थित इस अस्पताल में शुरुआत में 500 बेड की व्यवस्था रहेगी और अगले पांच वर्षों में इसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जायेगा। अधिकारियों के मुताबिक पूरी तरह तैयार होने के बाद यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और देश के सबसे बड़े निजी अस्पतालों में शुमार हो जायेगा। इसमें शोध के लिए समर्पित एक सात मंजिला ब्लॉक भी होगा। अस्पताल की मुख्य इमारत 14 मंजिलों की होगी और इसके शीर्ष पर एक हेलीपैड भी होगा।

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