रांची : पारंपरिक रीति से हुआ डंडा रोपण, ठंडी होली पूजन और होलिका दहन

 

होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय तथा नकारात्मकता के दहन का है प्रतीक : संजय सर्राफ 

टीम एबीएन, रांची। रांची सहित झारखंड के विभिन्न शहरों में मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने परंपरा, आस्था और उत्साह के साथ होली पर्व का शुभारंभ किया। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि समाज की महिलाओं ने राजस्थानी पारंपरिक वेशभूषा, विशेष रूप से रंग-बिरंगी ओढ़नी धारण कर विधि-विधानपूर्वक डांडा रोपण की रस्म निभाई। इसके पश्चात ठंडी होली की पूजा श्रद्धा और भक्ति भाव से संपन्न की गयी। 

उन्होंने कहा कि डांडा रोपण मारवाड़ी समाज की प्राचीन परंपरा है, जो होली पर्व के शुभारंभ का प्रतीक मानी जाती है। महिलाएं पारंपरिक गीतों का गायन करते हुए परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। ठंडी होली की पूजा के दौरान विशेष रूप से मंगलकामना, सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है। 

3 मार्च को प्रात: लगभग 5 बजे पूरे विधि-विधान के साथ होलिका दहन किया गया। इस अवसर पर समाज के गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में परिवार उपस्थित रहे। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की विजय तथा नकारात्मकता के दहन का प्रतीक है। 

श्रद्धालुओं ने अग्नि की परिक्रमा कर नयी ऊर्जा और सकारात्मकता के साथ जीवन में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। संजय सर्राफ ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज को एकजुट करने के साथ-साथ नयी पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।

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