दिशोम गुरु के जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए : धीरज प्रसाद साहू

 

  • आदिवासी एकता मंच के द्वारा आयोजित दिशोम गुरु के प्रतिम अनावरण ऐतिहासिक समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू
  • दिशोम गुरु के जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए : धीरज प्रसाद साहू

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता, दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन जी की आदम कद प्रतिमा का ऐतिहासिक अनावरण समारोह आज पूरे गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

आदिवासी एकता मंच के द्वारा आयोजित इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि सह उद्घाटनकर्ता के रूप में पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों के रूप में विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव, विधायक रामचंद्र सिंह, विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी एवं विधायक सोनाराम सिंकू की मौजूदगी ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं आम नागरिक समारोह के साक्षी बने।

समारोह की शुरुआत दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित अतिथियों ने गुरुजी के संघर्षपूर्ण जीवन, झारखंड आंदोलन में उनके ऐतिहासिक योगदान तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों के लिए किए गए संघर्ष को याद किया।

मुख्य अतिथि पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू ने अपने संबोधन में कहा कि दिशोम गुरु आदरणीय शिबू सोरेन जी सच्चे अर्थों में जननायक थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन झारखंड के लोगों के हक, अधिकार और स्वाभिमान के लिए समर्पित कर दिया।

 गुरुजी ने जिस साहस और दृढ़ संकल्प के साथ झारखंड आंदोलन को दिशा दी, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। आज उनकी जयंती के पावन अवसर पर उनकी आदमकद प्रतिमा का अनावरण होना हम सभी के लिए गर्व और सम्मान की बात है। यह प्रतिमा केवल पत्थर की नहीं, बल्कि संघर्ष, बलिदान और आत्मसम्मान की प्रतीक है।

पूर्व वित्त मंत्री एवं विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी ने आदिवासी समाज को राजनीतिक चेतना दी। उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया और झारखंड राज्य के निर्माण की मजबूत नींव रखी। 

गुरुजी का जीवन हमें सिखाता है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और नीयत मजबूत हो, तो कोई भी आंदोलन सफल हो सकता है। आज उनकी प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों को उनके विचारों और संघर्ष की याद दिलाती रहेगी।
विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि शिबू सोरेन जी केवल एक नेता नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे। 

उन्होंने शोषित-वंचित समाज की आवाज को सत्ता के गलियारों तक पहुंचाया। झारखंड आंदोलन के दौरान उन्होंने कई कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। आज उनकी प्रतिमा का अनावरण पूरे झारखंड के लिए ऐतिहासिक क्षण है।

विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी का जीवन हमें संघर्ष के साथ-साथ धैर्य और एकता का संदेश देता है। उन्होंने हमेशा समाज को जोड़ने का काम किया और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखा। उनकी प्रतिमा युवाओं को यह सिखाएगी कि समाज और राज्य के विकास के लिए निस्वार्थ सेवा कितनी आवश्यक है।

विधायक सोनाराम सिंकू ने कहा कि गुरुजी ने आदिवासी अस्मिता, संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने अपनी राजनीति को कभी निजी स्वार्थ से नहीं जोड़ा, बल्कि हमेशा समाज के हित को सर्वोपरि रखा। 

आज उनकी प्रतिमा के अनावरण से झारखंड आंदोलन के इतिहास को नई ऊर्जा मिलेगी और लोग उनके बताए रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित होंगे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन जी के विचारों को आत्मसात करने और उनके सपनों का झारखंड बनाने का संकल्प लिया। समारोह शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

इस मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता सच्चिदानंद चौधरी, डॉ अजयनाथ शाहदेव, इफ्तिखार अहमद, विधायक प्रतिनिधि निशिथ जायसवाल, संजय दुबे, एनुल अंसारी, निश्चय वर्मा, रियाज अंसारी, महेश बांडों, चंद्रदेव गोप, सोमर उरांव एवं हजारों की संख्या में जिलावासी उपस्थित थे l

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse