शताब्दी वर्ष को स्थापना दिवस को मनाने वाले सौभाग्यशाली स्वयंसेवक हैं हम : डॉ बीरेंद्र साहू

 

विश्व की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, आर्थिक व बौद्धिक स्तर को मजबूत करता रहा है सनातन परंपरा 

टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ वाल्मीकि नगर ने शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर पथ संचलन व शस्त्र पूजन के साथ स्थापना दिवस उत्सव मनाया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद, झारखंड - बिहार के क्षेत्र मंत्री डॉ बिरेन्द्र साहु व बाल्मीकि नगर सहसंचालक अभिनव शाह ने शस्त्र पूजन किये। 

मौके पर डॉ बीरेंद्र साहू ने कहा भारतीय संस्कृति अनंत काल से विश्व मानव समुदाय के साथ-साथ समस्त जड़-चेतन जीव का कल्याण के कार्य करते हुए विश्व को सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, आर्थिक व बौद्धिक स्तर को मजबूत करने में सहयोग करता रहा है। भारतवर्ष सदैव से विश्व गुरु रहा है और आज भी विश्व कल्याण के अनेक कार्यों में अपना योगदान दे रहा है। 

डॉ साहु ने कहा संपूर्ण यूरोप व एशिया जो जम्मूद्वीप से विख्यात भू-धारा में एक ओर विगत 2025 वर्ष पूर्व यूरोप से तो दूसरी ओर 1425 वर्ष पूर्व अरब से दो मतों का संक्रमण के कारण सनातन परंपरा को सदैव क्षति पहुंचती रही है, जिसका परिणाम जम्मूद्वीप विखंडित होकर आज अनेक मुस्लिम एवं ईसाई देश बन गये। 1947 के बचे हुए भूभाग भी आज इस संक्रमण से प्रभावित हो रहा है, जो सनातन परंपरा के लिए चिंतनीय विषय है। 

डॉ साहू ने कहा कि स्वाधीनता के पूर्व देश में अंतिम शासक के रूप में अंग्रेजों ने बचे हुए भू-धरा को 1876 में अफगानिस्तान के रूप में अलग कर प्रारंभ किया, जो निरंतर 1947 तक अलग करने का कार्य चलाता रहा। स्वाधीनता संग्राम सेनानी के बल पर जब भारत स्वाधीन होने की स्थिति में दिखाई पड़ने लगा तब तक संक्रमण काल में समाज के अंदर अनेक कुरीतियां व्याप्त हो चुकी थी। 

इन कुरीतियों को दूर करने एवं हिंदू राष्ट्र के स्वाभिमान को जगाए रखने के उद्देश्य को लेकर परम पूज्य डॉ केशव बलीराव हेडगेवार ने 27 सितंबर 1925 को विजयादशमी के पावन दिवस में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। आज यह संगठन विश्व स्तरीय संगठन बन चुका है। देश में 68000 शाखाएं चल रही हैं। शताब्दी वर्ष में 100000 पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। 

डॉ साहू ने कहा मनुष्य का 100 वर्ष पूर्ण होना जीवन समाप्ति की परिचायक होता है अपितु संगठन का 100 वर्ष पूर्ण होना उसकी परिपक्वता को दिखाता है। हम शताब्दी वर्ष की स्थापना दिवस को मनाने वाले सौभाग्यशाली स्वयंसेवक हैं। आज संघ के विभिन्न आयाम एवं अनुसांगिक घटकों के साथ मिलकर देश के स्वर्णिम इतिहास को दोहराने का कार्य कर रही है। अयोध्या जी में भगवान पुरुषोत्तम श्रीरामलला का भव्य व दिव्य मंदिर निर्माण होना इसका एक उदाहरण है। 

डॉ साहू ने कहा प्रत्येक स्वयंसेवक को शताब्दी वर्ष के लिए दिये गये पंचपरिवर्तन विषय क्रमश: कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण, स्व का जागरण तथा नागरिक कर्तव्य में से किसी एक पर गहनता पूर्वक कार्य करना है। स्थापना दिवस के पश्चात आगामी गृह संपर्क, हिंदू सम्मेलन, सद्भाव बैठक, युवा प्रेरणा कार्यक्रम के साथ-साथ शाखा विस्तार के कार्यक्रम में अग्रणी भूमिका निभाना है। 

कार्यक्रम में संतोष सोनी, मनीष साहू, प्रेम कुमार सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित थे। उक्त जानकारी बाल्मीकि नगर, रांची निवासी सह पूर्व सह कार्यवाह मनीष साहू (8084123065) ने दी।

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse