टीम एबीएन, रांची। श्री जैन श्वेतांबर संघ के पर्युषण पर्व के आज प्रथम दिवस पर जैन मंदिर डोरंडा एवं दिगंबर जैन भवन में प्रवचन हुआ। श्री दिगम्बर जैन भवन में आज पर्युषण पर्व के प्रथम दिवस में गुलाबबाग से पधारे उपासिका संतोष श्रीमाल एवं सीमा डूंगरवाल का प्रवचन सुबह 8:30 बजे से हुआ।
उपासिका संतोष श्रीमाल ने प्रवचन में बताया कि पर्युषण शब्द का शाब्दिक अर्थ चारों ओर से सिमटकर एक स्थानपर निवास करना या स्वयं में वास करनाज्ञ कषाय अर्थात क्रोध, मान -माया लोभ आदि विकारों आदि का उपशमन करना एवं अतीत मे हुई भूलों का सिंहावलोकन करना साथ ही भविष्य के लिए शुभ संकल्पों को सजाना। पर्युषण अहिंसा एवं समता का पर्व है यह आठ दिनों तक क्यों चलता हे इसकी भी जानकारी दी।
उपासिका सीमा डूंगरवाल ने आज खाद्य दिवस के उपलक्ष्य मे गीतिका प्रस्तुत की एवं खाद्य संयम दिवस के उपयोगिता के बारे मे बताया, भोजन हमें जरूरतानुसार ही करना चाहिए, संयम बरतना चाहिए, झूठा कभी नहीं छोड़ना चाहिए आदि के बारे मे बताया। महिला मंडल के द्वारा गीतिका प्रस्तुत की गयी एवं आभार ज्ञापन सभाध्यक्ष बिमल दस्साणी ने किया तथा अंत मे मंगलपाठ के साथ प्रवचन संपन्न हुआ। विशाल दस्सानी के आज 21 उपवास की तपस्या चल रही हैं।
प्रवचन में आज छोटे लाल चोरड़िया, घेवर चंद नाहटा, लाल चंद बोथरा, अशोक सुराणा, कमलेश संचेती, अमित बैंगानी आदि के साथ साथ समाज के श्रावक एवं श्राविकाओं की अच्छी उपस्थिति हुई। श्री जैन मंदिर डोरंडा मे सुबह 7:30 बजे स्नात्र पूजा हुई तत्पश्चात 9 बजे से मुंबई से पधारे स्वाध्यायी हर्षिल सुरेश साह एवं जिनांग धीरेन साह का प्रवचन हुआ। प्रतिक्रमण संध्या 6:30 बजे किया गया एवं रात्रि मे भक्ति संध्या की गयी।
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