टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची स्थित तपोवन मंदिर जिसे राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। उसके जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर मंदिर की आधारशिला रखी। मुख्य पुजारी महंत ओम प्रकाश शरण ने जानकारी दी कि तपोवन मंदिर का निर्माण अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर किया जा रहा है।
यह मंदिर राम भक्तों के लिए आस्था का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। शिलान्यास समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। तपोवन मंदिर झारखंड की धरोहर है और इसके माध्यम से लोगों की आस्था को नयी मजबूती मिलेगी। मेरी शुभकामनाएं हैं कि राज्य निरंतर प्रगति करे और जनता के जीवन में सुख-समृद्धि आये।
तपोवन मंदिर का निर्माण कार्य अयोध्या से आये पुजारियों द्वारा सम्पन्न पूजन के साथ आरंभ हुआ। प्रमुख पूजन का दायित्व महंत राम नरेश शरण ने निभाया। जानकारी के अनुसार, मंदिर का निर्माण लगभग 14,000 वर्गफुट क्षेत्र में किया जायेगा और इसकी ऊंचाई 62 फीट होगी।
मंदिर परिसर में 13 भव्य शिखरों और 117 पवित्र शिलाओं का निर्माण किया जायेगा। प्रत्येक गर्भगृह में नौ-नौ पवित्र शिलाएं स्थापित की जायेंगी। मंदिर निर्माण में राजस्थान के प्रसिद्ध कुंवारी मकराना मार्बल का उपयोग किया जायेगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 100 करोड़ रुपये आंकी गयी है और इसे वर्ष 2028-29 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
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