खादी संवारे भविष्य : क्रिएट इन इंडिया चैलेंज से स्थायित्व को बढ़ावा

 

  • 750 से सर्वश्रेष्ठ तक : मेक द वर्ल्ड वियर खादी चैलेंज के लिए चयनित रचनात्मक हस्तियों से मुलाकात

धनलक्ष्मी पी

एबीएन एडिटोरियल डेस्क। मेक द वर्ल्ड वियर खादी चैलेंज के प्रति लोगों की जबरदस्त रुचि दिखने के बाद इसके फाइनलिस्ट चुने गए हैं। इसमें दुनिया भर से 750 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए। विज्ञापन और रचनात्मक उद्योगों के एक प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल ने मौलिकता, सांस्कृतिक प्रतिध्वनि और वैश्विक अपील के आधार पर प्रविष्टियों का मूल्यांकन किया।

चयनित उम्मीदवार: इमान सेनगुप्ता और सोहम घोष - हवास वर्ल्डवाइड इंडिया; 
कार्तिक शंकर और मधुमिता बसु - 22 फीट ट्राइबल; काजल तिरलोतकर - इंटरएक्टिव एवेन्यूज; तन्मय राउल और मंदार महादिक - डीडीबी मुद्रा समूह; आकाश मेजरी और काजोल जेसवानी - डीडीबी मुद्रा समूह
विजेताओं की घोषणा मई 2025 में विश्व ऑडियो विजुअल और मनोरंजन सम्मेलन (वेव्स) में की जाएगी।

हम एक ऐसे वस्त्र को पहनने के बारे में कल्पना करें, जो न केवल स्टाइलिश हो, बल्कि स्वतंत्रता, स्थायित्व और वैश्विक प्रभाव की गाथा को भी अभिव्यक्ति देता हो। वह खादी ही है - भारत का प्रतिष्ठित वस्त्र! अभी हम खादी के बारे में क्यों बात कर रहे हैं? क्या इसलिए कि गर्मी का मौसम है और खादी के अलावा और कौन-सा कपड़ा त्वचा और सेहत को आराम दे सकता है? बेशक, यह खादी ही है।

लेकिन इस संवाद को लाने का एक और महत्वपूर्ण कारण यह है कि उम्मीद है कि आपने मेक द वर्ल्ड वियर खादी चैलेंज के बारे में सुना होगा। यह चैलेंज 1 से 4 मई, 2025 तक मुंबई में होने वाले विश्व ऑडियो विजुअल और मनोरंजन सम्मेलन (वेव्स) के उद्घाटन के हिस्से के रूप में आयोजित किए जा रहे 32 क्रिएट इन इंडिया चैलेंजों में से एक होगा।

यह महज एक अभियान भर ही नहीं है। यह चैलेंज सिर्फ कार्रवाई के लिए आह्वान से कहीं अधिक है। यह एक ऐसी पहल है, जिसमें दुनिया भर के रचनात्मक व्यक्ति डिजिटल कला, सोशल मीडिया स्टोरीटेलिंग या विज्ञापन संबंधी अवधारणाओं के माध्यम से खादी को पारंपरिक वस्त्र से वैश्विक फैशन आइकन में बदलने के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं।

यह पहल दुनिया भर के रचनाकारों को किसी महान चीज पर अपनी रचनात्मक छाप छोड़ने में मदद करती है। क्रिएट इन इंडिया चैलेंज और विशेष रूप से मेक द वर्ल्ड वियर खादी सेगमेंट रचनात्मक पेशेवरों को दुनिया के खादी को देखने के तरीके को नया रूप देने का एक अविश्वसनीय अवसर प्रदान करता है।

भारत की सांस्कृतिक विरासत को अत्याधुनिक रचनात्मकता के साथ मिलाकर, प्रतिभागी खादी को एक वैश्विक तौर पर फैशन की एक शक्ति के रूप में स्थापित करने में मदद कर सकते हैं, जो आधुनिक मूल्यों को दर्शाती है। भारत और दुनिया भर से मेक द वर्ल्ड वियर खादी चैलेंज के लिए पंजीकृत 750 से अधिक प्रतिभागियों के साथ, एक रचनात्मक प्रदर्शन के लिए मंच तैयार है, जो वैश्विक मंच पर भारत की अभिनव भावना को उजागर करता है।

प्रतिभागियों को एक प्रिंट क्रिएटिव, एक आउटडोर होर्डिंग और एक डिजिटल/सोशल मीडिया क्रिएटिव बनाने का काम सौंपा गया था। पंजीकरण 27 जनवरी को खुला, मार्च में शॉर्टलिस्टिंग हुई और कल शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की अंतिम सूची की घोषणा की गई। विज्ञापन और रचनात्मक उद्योगों के दिग्गजों से बनी एक प्रतिष्ठित जूरी ने मौलिकता, सांस्कृतिक प्रतिध्वनि, वैश्विक अपील और प्रतियोगिता के दृष्टिकोण के साथ तालमेल के आधार पर प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया। शॉर्टलिस्ट की गई प्रविष्टियां अपनी रणनीतिक अंतर्दृष्टि, शक्तिशाली कहानी कहने और खादी के इर्द-गिर्द वैश्विक बातचीत को बढ़ावा देने की क्षमता के लिए अलग से उभरीं।

कुल पांच उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है: इमान सेनगुप्ता और सोहम घोष - हवास वर्ल्डवाइड इंडिया; कार्तिक शंकर और मधुमिता बसु - 22 फीट ट्राइबल; काजल तिरलोतकर - इंटरएक्टिव एवेन्यूज; तन्मय राउल और मंदार महादिक - डीडीबी मुद्रा समूह; आकाश मेजरी और काजोल जेसवानी - डीडीबी मुद्रा समूह। विजेताओं की घोषणा मई 2025 में वेव्स समिट में की जाएगी।

  • खादी: टिकाऊ फैशन का कूल फैक्टर
  • खादी सिर्फ पुराने जमाने की नहीं है; यह टिकाऊ फैशन का भविष्य है।

हाथ से बुनी हुई, पर्यावरण के अनुकूल और प्यार से बनाई गई खादी जेनरेशन जेड और मिलेनियल की हर पसंद का प्रतिनिधित्व करती है, जैसे प्रामाणिकता, स्थायित्व और नैतिक विकल्प। साथ ही, इसे कारीगरों द्वारा बनाया जाता है, जो पर्यावरण को अनुकूल रखते हुए स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाता है।

खादी सिर्फ एक फैशन ट्रेंड ही नहीं, बल्कि यह एक आंदोलन भी है। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में निहित, खादी महात्मा गांधी के नेतृत्व में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का प्रतीक बन गई। आज, यह एक टिकाऊ, हस्तनिर्मित और पर्यावरण के अनुकूल कपड़ा है, जो खासकर ग्रामीण भारत में कारीगरों को सशक्त बनाता है, जबकि फास्ट फैशन के पर्यावरणीय नुकसान के खिलाफ लड़ाई में योगदान देता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद, क्योंकि उन्होंने कई साल पहले ऐसे उत्पादों के निर्माण हेतु शंखनाद किया था, जो जीरो डिफेक्ट, जीरो इफेक्ट वाले हों। खादी अपनी पर्यावरण के अनुकूल प्रक्रियाओं और टिकाऊ उत्पादन के साथ पूरी तरह तालमेल रखती है, जो नैतिक फैशन की ओर वैश्विक बदलाव में अपनी भूमिका को मजबूत करती है। सरकार की मेक इन इंडिया पहल भी यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कि खादी उत्पाद अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करते हैं।

बिल्कुल सही कहा गया है, हमें पृथ्वी अपने पूर्वजों से विरासत में नहीं मिलती है, हम इसे अपने बच्चों से उधार लेते हैं। यह भावना खादी के लोकाचार के साथ पूरी तरह मेल खाती है, एक टिकाऊ, पर्यावरण के प्रति अनुकूल वस्त्र, जो हमारे अतीत से हमें जोड़ता है और साथ ही भविष्य की पीढ़ियों के लिए धरती की सुरक्षा करता है।

दुनिया सतत, पर्यावरण के प्रति जागरूक प्रणालियों को अपना रही है। इसके साथ ही, वैश्विक मंच पर खादी का स्थान पहले से कहीं ज़्यादा स्पष्ट होता जा रहा है। यह वस्त्र केवल अतीत का अवशेष नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए एक प्रकाश स्तंभ है। ग्रामीण कारीगरों की हस्तनिर्मित कलात्मकता से लेकर इसके कालातीत वस्त्र की वैश्विक अपील तक, खादी एक बार फिर आज की दुनिया में स्टाइलिश और टिकाऊ होने के अर्थ को फिर से निर्धारित करने के लिए तैयार है।

वीआईसी की भूमिका और सरकारी पहलखा

खादी के पुनरुत्थान के केंद्र में खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) की प्रतिबद्धता है। खादी के प्रचार के लिए नोडल एजेंसी के रूप में, केवीआईसी कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार तक पहुंच की सुविधा प्रदान करके स्थानीय कारीगरों के सशक्तिकरण का समर्थन करता है। सरकार समर्थित पहलों और कार्यक्रमों के माध्यम से, केवीआईसी ने सुनिश्चित किया है कि खादी न केवल अपनी समृद्ध परंपरा को बनाए रखे, बल्कि आज के वैश्विक फैशन बाजार की मांगों को पूरा करने के लिए विकसित हो।

वेव्स समिट सिर्फ एक और आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक रचनात्मक खेल का मैदान है। इसे मीडिया और मनोरंजन जगत का केंद्र समझें, जहां प्रसारण, गेमिंग, डिजिटल मीडिया और अन्य क्षेत्रों के उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ कार्यशालाएं, प्रतियोगिताएं और नेटवर्किंग के अवसर उपलब्ध हैं। मेक द वर्ल्ड वियर खादी चैलेंज को दुनिया भर से नए, साहसिक विचारों को सामने लाने के लिए डिजाइन किया गया है, जो रचनात्मकता को प्रेरित करता है जो शायद दुनिया को खादी पहनने के लिए प्रेरित करे।

हम वेव्स 2025 के दौरान विजेताओं की घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह चैलेंज खादी को एक आधुनिक, आकांक्षी और टिकाऊ ब्रांड के रूप में स्थापित करने के लिए नए और रचनात्मक तरीकों को सामने लाने का वादा करती है और आने वाले समय के लिए उत्साह बढ़ता जा रहा है। (लेखिका पीआईबी मुंबई में मीडिया और संचार अधिकारी हैं।)

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