हुटुप गौशाला के श्रीराम कथा में भक्तों ने सुनी शिव - पार्वती विवाह की पवन कथा

 

*प्रेस विज्ञप्ति*
*हुटुप गौशाला धाम में श्री राम कथा महायज्ञ के दूसरे दिन सुश्री संगीता किशोरी जी ने शिव पार्वती विवाह की मार्मिक कथा सुनाई*

*मनुष्य अपने जीवन में ईश्वर के प्रति सच्चे प्रेम और श्रद्धा से जुड़े रहे तो उसे जीवन के कठिन राह पर भी सुख और शांति प्राप्त होगी: संगीता किशोरी*

रांची के प्रसिद्ध हुटुप गौशाला धाम में चल रहे नौ दिवसीय श्री राम कथा महायज्ञ के दूसरे दिन सुप्रसिद्ध कथा वाचक सुश्री संगीता किशोरी जी ने श्रद्धालुओं को श्री शिव पार्वती विवाह की अद्भुत और मार्मिक कथा सुनाई। इस कथा ने श्रद्धालुओं के हृदय को गहरे तरीके से छुआ और भगवान शिव तथा माता पार्वती के अद्भुत प्रेम और त्याग की गाथा को बताया। कथा में सुश्री संगीता किशोरी जी ने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शिव पार्वती का विवाह केवल एक सांसारिक मिलन नहीं था, बल्कि यह एक आध्यात्मिक संबंध का प्रतीक है, जो भक्तों को सच्चे प्रेम, समर्पण और भक्ति का मार्ग दिखाता है। कथा में उन्होंने विस्तार से वर्णन किया कि कैसे भगवान शिव, जो संन्यासियों के परम प्रतीक माने जाते हैं, ने माता पार्वती से विवाह करके संसारिकता का पालन किया, जबकि पार्वती जी ने अपने कठिन तपस्या और भक्ति से भगवान शिव को प्रसन्न किया।कथा में विशेष रूप से यह बात कही गई कि शिव और पार्वती का विवाह, एक ओर जहां संसारिक जीवन की नश्वरता और त्याग का संदेश देता है, वहीं दूसरी ओर यह एक आदर्श प्रस्तुत करता है कि सच्चे प्रेम और विश्वास से कोई भी बाधा पार की जा सकती है। सुश्री संगीता किशोरी जी ने यह भी बताया कि शिव पार्वती के विवाह से यह सिखने को मिलता है कि अगर मनुष्य अपने जीवन में ईश्वर के प्रति सच्चे प्रेम और श्रद्धा से जुड़ा रहे, तो उसे जीवन के कठिन रास्तों पर भी सुख और शांति प्राप्त होती है। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के हर एक प्रसंग को बड़े ध्यान और श्रद्धा से सुना। कथा में भगवान शिव के अद्वितीय व्यक्तित्व और माता पार्वती के सच्चे प्रेम को दर्शाया गया, जिससे पूरे माहौल में भक्तिमय ऊर्जा का संचार हुआ।इस कथा ने न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अत्यधिक संदेश दिया। सुश्री संगीता किशोरी जी के शब्दों ने यह स्पष्ट किया कि केवल भक्ति से ही नहीं, बल्कि त्याग और समर्पण से ही जीवन में सच्ची शांति और सफलता प्राप्त की जा सकती है। रांची के हुटुप गौशाला धाम में चल रहे इस महायज्ञ में भक्तों का भारी जनसमूह उपस्थित है, जो इस दिव्य कथा का हिस्सा बनकर अपने जीवन को धर्म और भक्ति की राह पर चलने के लिए प्रेरित हो रहा है। उक्त जानकारी देते हुए कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक बासुदेव भाला एवं मुकेश काबरा, बनवारी भाला अशोक सोढ़ानी, किशन साबू, नरेंद्र लखोटिया, उदय शर्मा कपिल भाला, सहित बड़ी संख्या में आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ो  महिलाएं पुरुष उपस्थित थे। 19 मार्च तीसरे दिन श्री राम जन्मोत्सव पर कथा होगा।


मुकेश काबरा
संजय सर्राफ

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