एबीएन सेंट्रल डेस्क। महाकुंभ नगर मौनी से पहले ही दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाला शहर बन गया था। आज तीन सबसे अधिक जनसंख्या वाले शहरों की कुल आबादी को भी पार करने की संभावना है। दिल्ली से अधिक जापान की राजधानी टोक्यो की आबादी 3.74 करोड़ है। मौनी अमावस्या से एक दिन पहले मंगलवार को ही महाकुंभ नगर दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला शहर बन गया।
मौनी अमावस्या के दिन तो दुनिया के तीन सबसे बड़े शहरों की कुल आबादी को पार करने की उम्मीद है। देश में सबसे अधिक आबादी दिल्ली की 2.93 करोड़ है। दिल्ली दुनिया का दूसरा सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर है। दिल्ली से अधिक जापान की राजधानी टोक्यो की आबादी 3.74 करोड़ है। वहीं मंगलवार को दिन में चार बजे तक ही 3.90 करोड़ लोग संगम स्नान कर चुके थे। इस तरह से गंगा की रेती पर 45 दिनों के लिए अस्थाई तौर पर बसाया गया महाकुंभ नगर मंगलवार को दिन में चार बजे ही दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला शहर बन गया।
वहीं जिले की आबादी 70 लाख से अधिक है। इस आबादी को भी जोड़ दिया जाए तो टोक्यो की आबादी काफी पीछे छूट जाएगी। गौर करने वाली बात यह भी है संगम स्नान का यह आंकड़ा शाम चार बजे तक का है। जबकि, संगम स्नान के लिए आने वालों का रेला इसके बाद भी बना ह़ुआ था। मौनी अमावस्या पर बुधवार को तो आबादी के सारे रिकॉर्ड टूटते दिख रहे हैं। बुधवार को महाकुंभ नगर में कम से कम 10 करोड़ लोगों के स्नान की उम्मीद है।
इसमें जिले की आबादी 70 लाख जोड़ दी तो उस दिन जिले में 10.70 करोड़ लोगों के आने की उम्मीद है। वहीं दुनिया के तीन सबसे अधिक आबादी वाले शहरों में टोक्यो, दिल्ली और शंघाई की कुल जनसंख्या 9.30 करोड़ के करीब है। शंघाई की आबादी 2.63 करोड़ है। इस तरह से मौनी अमावस्या पर संभावित आंकड़ों के अनुसार स्नानार्थी आए तो महाकुंभ नगर की जनसंख्या तीन बड़े शहरों की कुल आबादी से अधिक होगी।
प्रयागराज मंगलवार को देश का सबसे अधिक आबादी वाला शहर बन गया और भीड़ को देखते हुए अभी अगले दो-तीन दिनों तक इस स्थान पर रहने की उम्मीद है। वहीं रविवार और सोमवार को प्रयागराज देश का दूसरा सबसे अधिक आबादी वाला जिला रहा। दिल्ली के बाद मुंबई की आबादी दो करोड़ 16 लाख से अधिक है। वहीं तीसरे नंबर पर कोलकाता की आबादी एक करोड़ 55 लाख से अधिक है।
इसके विपरीत रविवार को महाकुंभ नगर में 1.74 करोड़ लोगों ने स्नान किया था। जिले की आबादी जोड़ने 2.44 करोड़ जनसंख्या हो जाती है जो दिल्ली के बाद दूसरे स्थान पर है। इसी तरह से सोमवार को भी एक करोड़ 55 लाख से अधिक लोगों ने पुण्य की डुबकी लगाई थी। इस तरह से सोमवार को जिले की आबादी सवा दो करोड़ से अधिक रही जो दिल्ली से कम और मुंबई से अधिक रही।
मकर संक्रांति के दिन प्रयागराज दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला जिला बना था। मकर संक्रांति के दिन साढ़े तीन करोड़ लोगों ने स्नान किया था। इस तरह से जिले की 70 लाख आबादी जोड़ने के बाद 4.20 करोड़ जनसंख्या हो गयी थी, जो टोक्यो से अधिक है।
माघी पूर्णिमा 13 जनवरी से महाकुंभ पर्व शुरू होने के बाद मंगलवार तक 16 दिनों में 16 करोड़ से अधिक लोगों ने स्नान किया। सोमवार तक 14.76 करोड़ लोग स्नान कर चुके थे। वहीं मंगलवार को सुबह आठ बजे तक ही 55 लाख लोग स्नान कर चुके थे।
इस तरह से महाकुंभ में 15 करोड़ लोगों के स्नान का आंकड़ा तो सुबह आठ बजे ही पार हो गया। वहीं मंगलवार शाम चार बजे तक 3.90 करोड़ लोग स्नान कर चुके थे। यानि, शाम चार बजे तक ही महाकुंभ नगर में कुल 18.66 करोड़ लोग स्नान कर चुके थे।
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