टीम एबीएन, रांची। विगत 11 जनवरी को अल्बर्ट एक्का चौक रांची में आयोजित राजधानी टुसू महोत्सव में पारंपरिक रीति रिवाज के अनुसार थापी गयी टुसू की पारंपरिक विदाई की गयी। किसानों का धान कार्य खत्म होने के साथ ही झारखंड का सबसे लंबे समय तक मनाया जानेवाला टुसू परब का धूम चारों तरफ है।
मेला में मौत कुआं और पारंपरिक हथियार की दुकान मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। पांच परगना क्षेत्र का प्रसिद्ध सतीघाट टुसू मेला में जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो भी पहुंचे।
मौके पर देवेन्द्र नाथ महतो ने बताया कि मकर के दूसरे दिन अखाईन यात्रा के शुभ अवसर पर रांची जिला के सोनाहातू प्रखंड अंतर्गत राढू, स्वर्णरेखा और कांची नदी त्रिसंगम महातीर्थ स्थल में लगने वाला सतीघाट टुसू मेला सबसे प्राचीन मेला है जो झारखंड और बंगाल राज्य को प्रेम से जोड़ता है। सतीघाट मेला में दूर दराज से लाखों लोग पहुंचते हैं।
साथ ही उन्होंने बताया कि विगत 11 जनवरी को अल्बर्ट एक्का चौक मेन रोड रांची में आयोजित राजधानी टुसू महोत्सव में पारम्परिक रीति रिवाज अनुसार थापी गई टुसू का पारंपरिक रीति रिवाज अनुसार टुसू विदाई की गयी।
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