टीम एबीएन, रांची। झारखंड में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होने वाला है। इसे लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां तैयारी में जुटी हुई है। वहीं, इससे पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। झारखंड कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष मानस सिन्हा ने सोमवार को पार्टी छोड़कर भाजपा का हाथ थाम लिया है।
मानस सिन्हा ने हिमंत बिस्वा सरमा की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए। भाजपा ज्वाइन करने के बाद उन्होंने कहा कि पिछले 27 सालों तक कांग्रेस की सेवा की और अलग-अलग पद भी संभाला, लेकिन पार्टी ने समर्पित कार्यकर्ताओं को सम्मान नहीं दिया। जिसके बाद मैंने भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया। मानस सिन्हा ने कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है।
जिसके बाद असम के सीएम और झारखंड चुनाव के सह प्रभारी सरमा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी में किसी भी प्रत्याशी को टिकट तीन मानदंडों के आधार पर दिये जाते हैं।
पहला पार्टी को पैसा देना, दूसरा विधायक और किसी मंत्री के परिवार से संबंध होना और तीसरा जो पीएम मोदी के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं। बता दें कि हाल ही में कुणाल सारंगी ने बीजेपी पार्टी छोड़कर झामुमो का हाथ थामा है। चुनाव के तारीखों की घोषणा के बाद से प्रदेश में दल-बदल की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
आपको बता दें कि झारखंड में कुल 81 विधानसभा सीटें हैं। 13 नवंबर और 20 नवंबर को दो चरणों में प्रदेश में मतदान होगा। वहीं, 23 नवंबर को चुनाव के नतीजे घोषित किये जायेंगे। झारखंड में एनडीए और इंडिया एलायंस दोनों ही लगातार चुनावी रैलियों और जनसभाओं को संबोधित करते नजर आ रहे हैं।
भाजपा की पकड़ कोल्हान सीट पर कमजोर मानी जाती है और यहां से ही प्रदेश में सरकार बनाने का काम होता है। कोल्हान के अंदर पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले आते हैं। 2019 विधानसभा चुनाव की बात करें तो कोल्हान में झामुमो ने शानदार प्रदर्शन किया था। वहीं, इस क्षेत्र में भाजपा ने अपने पुराने सभी प्रत्याशियों को बदल दिया है और पार्टी ने 10 सीटों पर नये उम्मीदवार उतारे हैं।
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