टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा में वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए सालाना बजट पेश कर दिया है। इस बजट में मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की सरकार ने राज्य के आम लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए खास प्रस्ताव पेश किये हैं। सदन के पटल पर वित्त मंत्री की ओर से पेश किये गये बजट में किसानों की ऋण माफी, गरीबों को घर बनाने के लिए अबुआ आवास योजना के तहत लाभ और गरीबों की थाली में दाल-भात के साथ सब्जी देने का प्रस्ताव किया गया है। आइये, विधानसभा में पेश किये गये झारखंड बजट के प्रमुख प्रस्तावों के बारे में जानते हैं:
वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में झारखंड की चंपाई सोरेन सरकार ने किसानों की ऋण माफी योजना के तहत रकम की सीमा को बढ़ाने का ऐलान किया गया है। इस बजट में किसानों की ऋण माफी सीमा को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, एनपीए (नॉन परफॉर्मेंस एसेट्स) खाताधारक किसानों को भी इस ऋण माफी योजना में शामिल किया जायेगा।
केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री आवास योजना की तर्ज पर झारखंड के गरीब परिवारों को घर मुहैया कराने के लिए सरकार की ओर से अबुआ आवास योजना के तहत आवास ऋण की रकम को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 3.50 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके लिए सरकार की ओर से करीब 4,831.83 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। अबुआ आवास के लिए वित्त वर्ष 2024-25 से लेकर 2027-28 के दौरान हरेक साल करीब 4.5 लाख परिवारों को आवास मुहैया कराये जायेंगे और 2027-28 तक करीब 20 लाख परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसके साथ ही, सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में किसानों की फसलों की सिंचाई के लिए पीरटांड मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना के क्रियान्वयन का भी प्रस्ताव किया गया है। इसके तहत बराकर नदी पर वीयर का निर्माण कराने के बाद अंडरग्राउंड पाइपलाइन के जरिए पीरटांड प्रखंड के अलावा पूर्वी सिंहभूम के पटमदा आदि क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी।
इसके साथ ही सरकार ने सालाना बजट में पलामू जिले में अंडरग्राउंड पाइपलाइन के माध्यम से विभिन्न जलाशयों और जल निकायों में पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के लिए 456.63 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव किया गया है। इससे पलामू के चैनपुर, मेदिनीनगर, सतबरवा, विश्रामपुर, छत्तरपुर, हुसैनाबाद और मोम्मदगंज के निवासियों और किसानों को लाभ मिलेगा।
इतना ही सरकार ने राज्य के जनप्रतिनिधियों के वेतन में बढ़ोतरी करने का भी प्रस्ताव किया गया है। झारखंड बजट में कहा गया है कि राज्य में करीब 12 साल बाद निर्वाचित जनप्रतिनिधियों मानदेय में बढ़ोतरी की जायेगी। इसमें जिला परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, प्रमुख, उपप्रमुख, मुखिया, उपमुखिया, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और ग्राम पंचायत सदस्य शामिल हैं।
बजट में सरकार ने झारखंड के लोगों को 60 साल के व्यक्ति को पेंशन देने के लिए मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना लागू करने का प्रस्ताव किया है। इस योजना में दिव्यांगों, आदिम जनजाति के व्यक्तियों, निराश्रित महिलाओं, एचआईवी/ एड्स से ग्रस्त व्यक्तियों और ट्रांसजेंडरों के साथ-साथ 50 साल की उम्र पार सभी महिलाओं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को पेंशन का लाभ दिया जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से करीब 3,107.40 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है।
इतना ही नहीं, सालाना बजट में सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान राज्यभर में करीब 2,500 आंगनबाड़ी केंद्रों पर नए भवन का निर्माण करायेगी। झारखंड में फिलहाल करीब 38,432 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किये जा रहे हैं। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए टेबल-कुर्सी की खरीद के लिए सरकार करीब 280.17 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
झारखंड की प्राथमिक-माध्यमिक शिक्षा में सुधार के लिए प्रखंडस्तरीय लीडर स्कूल का निर्माण कराया जायेगा। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान सरकार पूरे झारखंड में करीब 325 प्रखंडस्तरीय लीडर स्कूलों और करीब 4,036 पंचायत स्तरीय आदर्श विद्यालयों का निर्माण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही, सरकार वर्ष 2024-25 के दौरान झारखंड के सात जिलों के करीब 1000 स्कूलों में मातृभाषा आधारित शिक्षण्ण प्रक्रिया की शुरुआत करेगी।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा संस्थानों के नामांकन में सुधार के लिए सरकार की ओर से स्नातक और डिप्लोमा प्रोग्राम के लिए मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत करेगी। इसके लिए डिप्लोमा कोर्स के लिए छात्र-छात्राओं को करीब 15,000 रुपये और स्नातक कोर्स के लिए 30,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जायेगी।
झारखंड में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से बच्चों को आॅनलाइन शिक्षा दी जायेगी। इसके लिए सरकार की ओर से लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया जा रहा है। इसके तहत छात्रों की आॅनलाइन क्लास, मूल्यांकन, प्रॉक्टरिंग और ग्रेडिंग की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी।
बीआईटी सिंदरी में स्टेट टेक्नोलॉजी पार्क
झारखंड में छात्रों को व्यावसायिक और रोजगारपरक शिक्षा देने के लिए तकनीकी तौर पर भी मजबूत किया जायेगा। इसके लिए सरकार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, क्लाउड कम्यूटिंग, एआर/ वीआर और बाजार की मांग वाली सेवाओं में रिटेल, हॉस्पिटलिटी, वित्तीय सेवाओं के लिए स्पेशल परपस व्हीकल के माध्यम से बीआईटी सिंदरी में स्टेट टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना की जायेगी।
इतना ही सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के सालाना बजट में 19 नये कॉलेज खोलने का प्रस्ताव किया है। इसमें 14 डिग्री कॉलेज और 4 महिला महाविद्यालय शामिल हैं।
झारखंड सरकार टेरिटरी हेल्थ केयर को मजबूत बनाने के लिए आने वाले सालों में राजधानी रांची में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना करेगी। इसके साथ ही, पहले से संचालित रिम्स को सुदृढ़ीकरण और रिनपास के कैंपस में उपलब्ध जमीन पर एक मेडिको सिटी की स्थापना की जायेगी।
झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना का सुगम संचालन और किसानों को समय पर उनके धान के मूल्य की प्राप्ति को ध्यान में रखते हुए धान अधिप्रापति योजना के तहत खरीदे गये धान के निकलने वाले चावल से किया जायेगा। इसके लिए झारखंड में पहली बार कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) का इस्तेमाल किया जायेगा। इस योजना में करीब 20 लाख लाभुकों शामिल करने का लक्ष्य रखा गया था, जिसे बढ़ाकर 25 लाख कर दिया गया है।
इसके साथ ही, सरकार ने अपने सालाना बजट में जनवितरण प्रणाली के डीलरों के कमीशन के बढ़ोतरी करने का भी प्रस्ताव किया है। झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत डीलरों के कमीशन को 100 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर करीब 150 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
आधार आधारित बायोमीट्रिक आॅथेंटिकेशन के जरिए अनाजों के वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 2जी नेटवर्क आधारित इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट आॅफ सेल (ईपीओएस) के स्थान पर अब 4जी नेटवर्क आधारित ईपीओएस स्थापित किया जायेगा।
झारखंड के गरीब परिवारों को भोजन मुहैया कराने के लिए सरकार की ओर से चलायी जा रही दाल-भात योजना के साथ ही अब हर थाली में सब्जी भी परोसी जायेगी। इसके लिए सरकार की ओर से राष्ट्रीय खाद्य सुरखा अधिनियम और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत प्रत्येक राशन कार्डधारी परिवार को सोयाबीन की बड़ी बांटी जायेगी।
झारखंड के सालाना बजट में सरकार की छात्रावास निर्माण योजना के तहत उच्च शिक्षा हासिल करने वाले अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ फ्री में आवास की सुविधा उलब्ध कराने के लिए राज्य के प्रमुख शहरों में मल्टीस्टोरी छात्रावास के निर्माण का प्रस्ताव किया गया है। इन छात्रावासों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से कराया जायेगा।
मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के तहत यूनाइटेड किंगडम आॅफ ग्रेट ब्रिटेन एंड नॉदर्न आयरलैंड के विश्वविद्यालयों और संस्थानों के चयनित कोर्स में उच्च शिक्षा (एमए, एमफिल) की डिग्री हासिल करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
वर्ष 2024-25 के बजट में नये रोड का निर्माण, उसका नेटवर्क बढ़ाने और कोर रोड नेटवर्क कनेक्टिविटी विकसित करने के लिए निर्धारित नये रोड को शामिल करने का प्रस्ताव किया गया है। रोड अपग्रेडेशन मिनिमम इंटरमीडिएट लेन कॉन्फिगरेशन के रूप में किया जायेगा। इसके तहत ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट और इम्पॉर्टेंट कॉरिडोर के निर्माण के साथ ही रांची में इनर रिंग रोड का निर्माण कराया जायेगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वित्त वर्ष 2024-25 में करीब 2500 किलोमीटर रोड और करीब 200 पुलों का निर्माण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
झारखंड सरकार की ओर से घरेलू उपभोक्ताओं को अब 100 यूनिट के स्थान पर 125 यूनिट बिजली फ्री में दी जायेगी। इसके साथ ही पतरातु में 4000 मेगावाट के सुपर थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। कोडरमा, चांडिल, बलियापुर, गोमियो और देवीपुर में ग्रिड सब-स्टेशन का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं, सिमरिया, बड़कागांव, गोला, दुग्धा, महुदा, निरसा, गांवा, पुटकी, रामगढ़, विष्णुगढ़, पेटरवार और हंटरगंज में ग्रिड सब-स्टेशन और संबंधित संचरण लाइन का निर्माण कराया जायेगा।
अमृत 2.0 मिशन के तहत झारखंड में करीब आठ जलापूर्ति योजना की शुरुआत की जायेगी। इनमें कपाली, जामताड़ा, गुमला, बरहरवा, हरिहरगंत, छत्तरपुर, श्रीवंशीधर नगर, और लोहरदगा में जलापूर्ति योजना के तहत निर्माण कार्य शुरू कराया जायेगा।
झारखंड में उभरती खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए बजट में खेल प्रतियोगिता आयोजन करने का प्रस्ताव किया गया है। इसमें मुख्य रूप से स्पोर्ट्स एक्शन टूवर्ड हार्नेसिंग एस्पाइरेशन ऑफ यूथ और मुख्यमंत्री आमंत्रण फुटबॉल क्लब प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा।
जेसैक (झारखंड स्पेस अप्लिकेशन सेंटर) की ओर से एक ड्रोन सर्वेक्षण योजना बनायी गयी है। इस इकाई झारखंड में ड्रोन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नोडल एजेंसी के तौर पर काम करेगी। इसके तहत विभिन्न सरकारी विभागों के साथ ही निजी संस्थाओं को सेवाएं देने के अलावा ड्रोन प्रौद्योगिकी के आधार पर शिक्षण और अनुसंधान भी किया जायेगा।
वित्त वर्ष 2024-25 के लिए आउटकम बजट से संबंधित विभाग की योजनाओं के आधार पर सरकार की ओर से बाल बजट भी तैयार किया गया है। इसे तैयार किये जाने का उद्देश्य झारखंड में बच्चों के समुचित विकास के लिए समेकित प्रयास किये जायेंगे। इसके लिए करीब 216 योजनाओं में से करीब 80 योजनाओं के आधार पर बाल बजट तैयार किया गया है। इसके लिए सरकार की ओर से करीब 8866.69 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse