गौशाला न्यास समिति के चुनाव का होगा बहिष्कार

 

न्याय एवं हक के लिए जायेंगे न्यायालय के शरण में

टीम एबीएन, रांची। महाराजा अग्रसेन भवन मे आयोजित एक प्रेस वार्ता मे रांची गौशाला न्यास समिति रांची के पूर्व सचिव ज्योति बजाज एवं ललित कुमार पोद्दार ने संयुक्त रूप से बताया कि रांची गौशाला न्यास समिति रांची की सबसे पुरानी संस्था है एवं गौ वंश के संवर्धन का कार्य कर रही है पिछले कुछ वर्षों से संस्था में राजनीतिक हो रहा है जिससे सेवा की भावना में कमी एवं अपने स्वार्थ के लिए कार्य शुरू हो गया है। 

उन्होंने बताया कि हमारे बड़े बुजुर्गों ने पूरे समाज को एक परिवार के रूप में जोड़ते हुए कई संस्थाओं का बीजारोपण किया तथा एक बट वृक्ष के रूप में स्थापित किया तथा समाज के हर वर्ग को इसमें जोड़ने की कोशिश की गई। 

इसी भावना से जुड़कर समाज के विभिन्न वर्गों के लोग तन मन धन से सेवा की भावना को रखते हुए इस संस्था से जुड़ना चाहते हैं किंतु ट्रस्ट के कुछ लोगों ने इसे अपनी जागीर समझ लिया है तथा अपना आधिपत्य जमाये रखना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019-20 के दौरान तत्कालीन सचिव के पास लगभग 135 लोगों ने आजीवन सदस्यता हेतु आवेदन शुल्क के साथ आवेदन फार्म जमा किया था। 

ट्रस्ट बोर्ड ने बैठक कर सभी आवेदनों को स्वीकृति भी प्रदान कर अपने कोषाध्यक्ष के माध्यम से सभी की आजीवन सदस्यता की रसीद काटकर सदस्यों को भेज दिया और उन्हें सदस्य नंबर भी प्रदान कर दिये गये। इसके बाद 2021 में समिति के नए चुनाव कराये जा रहे थे तो इन नए सदस्यों का मताधिकार नहीं दिया गया।

आमसभा मे अपनी बात रखने आये सभी नये सदस्यों को सदस्य नहीं होने की बात कह कर सभा से निकाल दिया गया, जिससे समाज के यह 100 से अधिक लोग आहत हुए। उस समय नए सदस्यों ने पदाधिकारी को लीगल नोटिस भी दिया और सदर अनुमंडल पदाधिकारी, रांची को लिखित में शिकायत भी दर्ज करायी, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इस वर्ष पुन: 4 फरवरी, 2024 को सत्र 2023- 26 के चुनाव घोषित किये गये। जब वोटर लिस्ट जारी की गई तो उसमें भी इन 135 ने सदस्यों का नाम नहीं था। बल्कि 50 अघोषित लोगों को नए सदस्य बनाकर उनका नाम इस लिस्ट में शामिल किया गया था। 

इस संबंध में पुन: पीड़ित पक्ष कुछ समाजसेवियों के साथ सदर अनुमंडल पदाधिकारी, रांची उत्कर्ष गुप्ता के पास अपनी शिकायत दर्ज कराई और उन्होंने चैयरमेन रतन लाल जालान को मामला सुलझाने को कहा तत्पश्चात ट्रस्ट बोर्ड एवं समाजसेवियो के साथ वार्ता हुई और निर्णय हुआ की तत्काल चुनाव स्थगित कर दिया जाता है। 

आगे इस मामले पर बैठकर सर्वसम्मति से निर्णय लेंगे, लेकिन उन्होंने बिना कोई निर्णय लिए पुन: 28 फरवरी, 2024 को स्थगित चुनाव को पुन: गौशाला परिसर के बाहर मोराबादी स्थित मान्या पैलेस में कराने की घोषणा की कर दी, जोकि सरासर गलत है। इस संबंध में पीड़ित पक्ष द्वारा अपने न्याय एवं हक के लिए रांची व्यवहार न्यायालय के शरण में जाने का निर्णय लिया गया है।

न्यायालय मे वाद पत्र दाखिल किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गौशाला न्यास समिति में हो रहे हैं अनियमितताओं धांधली के कारण हम दोनों चुनाव नहीं लड़ेंगे एवं पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं देने के विरोध में 28 फरवरी को होने वाले चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। 

इन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया कि न्यास समिति एवं वर्तमान पदाधिकारी एवं ट्रस्टी के मनमाने निर्णय के विरोध में चुनाव का बहिष्कार करें। उन्होंने गौशाला न्यास समिति द्वारा बाढ़ू, बुकरू की जमीन सहित कई इसके संबंधित अनियमितताओं मामलों की भी विस्तृत जानकारी दी। 

मौके पर सुरेश चंद्र अग्रवाल, विनोद कुमार जैन, बेनी प्रसाद अग्रवाल, निरंजन सराफ, पवन पोद्दार, कौशल राजगढ़िया, पवन शर्मा, संजय सर्राफ, निर्भय शंकर हारित, अमित बजाज, विनीत जालान, अमित मुनका, सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। उक्त जानकारी संगठन के ज्योति बजाज और ललित कुमार पोद्दार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

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