कोडरमा : सहारा का बकाया भुगतान को लेकर आक्रोश प्रदर्शन

 

  • बकाया भुगतान को ले सहारा इंडिया के भुक्तभोगी एजेंटों, जमाकर्ताओं ने किया आक्रोश प्रदर्शन एवं धरना  
  • सेबी में जमा 25 हजार करोड़ रुपये से गरीबों की जमा पूंजी का भुगतान करे केंद्र सरकार : संजय पासवान  

टीम एबीएन, कोडरमा। सहारा समूह में जनता की बड़ी आबादी के भुक्तभोगी जमाकर्ताओं, एजेंटों व कर्मचारियों का अरबों-खरबों बकाया भुगतान की मांग को लेकर संयुक्त आल इंडिया जन आंदोलन संघर्ष न्याय मोर्चा के बैनर तले एजेंटों व कर्मचारियों व भुक्तभोगी जमाकर्ताओं ने जिला समाहरणालय पर आक्रोश प्रदर्शन कर धरना देकर भुगतान की मांग की । 

इससे पूर्व डॉ उर्मिला चौधरी क्लिनिक के पास से एक विशाल जुलूस निकाला गया जो हनुमान मंदिर, कोडरमा बाजार होते हुए समाहरणालय पहुंचकर प्रदर्शन व धरना में तब्दील हो गया। रैली में पूंजीपतियों का दलाल मोदी सरकार हाय हाय, सहारा में जमाकर्ताओं का पैसा का भुगतान करो, मोदी सरकार मुर्दाबाद, पोर्टल नहीं टोटल भुगतान करो आदि नारे लगाये जा रहे थे। 

धरना स्थल पर संघर्ष न्याय मोर्चा के जिलाध्यक्ष भागीरथ सिंह की अध्यक्षता व अधिवक्ता डीपी वर्णवाल के संचालन में हुई सभा को सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान, प्रदेश अध्यक्ष गौतम दिवान, नागेन्द्र कुशवाहा, संतोष कुमार, छात्र नेता मनोज यादव, रविशंकर यादव आदि ने संबोधित किया। 

मुख्य वक्ता सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि सहारा इंडिया की इस चिट फंड कंपनी का करीब 25 हजार करोड़ रुपए भारत सरकार के सेबी के खाते में जमा है। जिससे पड़े पैमाने पर मेहनतकशों का जमा पूंजी का भुगतान किया जा सकता है। 

सहारा की योजनाओं में भारत की आधी आबादी ने जमकर पैसा लगाया था, लेकिन कई साल बीत जाने के बाद भी उन्हें अपनी रकम वापस नहीं मिला। जिसके कारण उनके बच्चों की पढ़ाई रूक चूकी है। बेटियों की शादी नहीं कर पा रहे हैं। ठेला, खोमचा वाले से लेकर, छोटे दुकानदार, पान की गुमटी लगाने वाले, सब्जी बेचने वाले, टेम्पो - रिक्शा चालक सहित लाखों रोज कमाने खाने वालों ने पैसा दोगुना तीगुना जमा होने के लालच में अपनी रोज की कमाई का एक हिस्सा एजेंटों के माध्यम से सहारा इंडिया में जमा किया था, लेकिन मैच्योरिटी पूरा होने के बावजूद निवेशकों को पैसा नहीं लौटाया गया। 

केन्द की भाजपा सरकार कॉरपोरेट घरानों की रखवाली करती है और उसके बदले घुस में हजारों करोड़ का चंदा इलेक्ट्रॉल बॉन्ड से लेती है। इसलिए इस सरकार को उखाड़ फेंकना ही समस्या का समाधान है।  

छात्र नेता मनोज यादव ने कहा कि सहारा परिवार के देशभर में लाखों अभिकतार्ओं में से करीब छह हजार अभिकर्ता जहर खाकर, फांसी लगाकर, रेल पटरी में कटकर आत्महत्या कर लिया और हजारों लोगों ने अपना घर बार छोड़कर भागने को मजबूर हो गये। करोड़ों जनता और अभिकर्ता को मोदी सरकार ने मरने के लिए छोड़ दिया है। सरकार अगर पैसा नहीं लौटा सकती तो सत्ता छोड़ क्यों नहीं देती।  

धरना के बाद पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने पांच सूत्री मांगो से संबंधित ज्ञापन प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्त को सौंपा। कार्यक्रम में जिला सचिव देवेन्द्र प्रसाद वर्णवाल, उपाध्यक्ष सचिन्द्र शर्मा, नगर पर्षद के पूर्व उपाध्यक्ष संतोष कुमार, पड़ोसी राज्य बिहार के नवादा के सुनील प्रसाद, धीरज कुमार, कृष्णकांत दिक्षित, उत्तम कुमार, संजय मोदी, अरविंद कुमार, सुभाष कुमार सिंह, बसंती देवी, शोभा देवी, मुन्ना कुमार, रंजीत पासवान, संजय कुमार, महेश कुमार, कृष्णा वर्मा, मो रउफ अंसारी, मुकेश कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

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