टीम एबीएन, रांची। सीएम हेमंत सोरेन के दिल्ली स्थित आवास पर ईडी की दबिश के बाद झारखंड की सियासत में खलबली मची हुई है। सोमवार को सीएम आवास पर दिनभर सत्ताधारी दल के विधायक और मंत्रियों का आना-जाना लगा रहा। सूत्रों से जानकारी मिली है कि सभी विधायकों को बैग एंड बैगेज के साथ तैयार रहने को कहा गया है।
अनुमान लगाया जा रहा है कि सत्ताधारी दल के सभी विधायकों को किसी सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया जा सकता है, इसकी वजह से कई विधायक पशोपेश में भी हैं। लिहाजा मंगलवार और बुधवार का दिन झारखंड के लिए बेहद खास होने वाला है।
इस तरह की कवायद पूर्व में भी हो चुकी है, जब आफिस आफ प्रॉफिट मामले में चुनाव आयोग की चिट्ठी राजभवन पहुंची थी, तब सीएम आवास पर कई बसें मंगवाई गई थीं। एक दिन सभी विधायक और मंत्रियों को खूंटी के लतरातू डैम की सैर करवायी गयी थी।
उसके बाद सभी को कड़ी सुरक्षा के बीच छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक रिसॉर्ट में ठहराया गया था। आशंका जताई जा रही है कि वर्तमान हालात में फिर उसी तरह की कवायद दोहराने की तैयारी चल रही है लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विधायकों को आखिर कहां ले जाया जाएगा क्योंकि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार अब नहीं है। ऐसे में सिर्फ पश्चिम बंगाल एक बड़ा विकल्प के रूप में दिख रहा है, संभावना यह भी जतायी जा रही है कि विधायकों को तेलंगाना भी शिफ्ट किया जा सकता है।
ईडी की कार्रवाई तेज होता देख सत्तारूढ़ दल झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राजद के सभी विधायकों को 31 जनवरी तक रांची में रहने को कहा गया है। मुख्यमंत्री आवास पर सोमवार देर शाम तक चली बैठक में मौजूदा परिस्थिति को देखते हुए सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गैरमौजूदगी में हुई इस बैठक में सीएम को लेकर मीडिया में आ रही खबर पर चर्चा होती रही।
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