संविधान दिवस : दलित शोषण मुक्ति मंच ने संविधान की प्रस्तावना का पाठ कर लिया संकल्प

 

  • संविधान को बदलने की साजिश करने वाली सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंके : संजय पासवान

टीम एबीएन, कोडरमा। संविधान दिवस पर रविवार को परियोजना बालिका उच्च विद्यालय के समीप डॉ० भीमराव अंबेडकर पार्क में दलित शोषण मुक्ति मंच (डीएसएमएम) ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ कर संविधान बचाओ का लिया संकल्प। विदित हो कि आजाद भारत में 26 नवंबर 1949 के दिन ही भारत का संविधान को अपनाया गया था।

कार्यक्रम की शुरुआत भीमराव अंबेडकर की प्रतीमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। जहां भारत का संविधान जिन्दाबाद, संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर अमर रहे, संविधान को बदलने की साजिश बंद करो, आरक्षण के साथ छेड़छाड़ नहीं चलेगा आदि गगनभेदी नारे लगाये जा रहे थे। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएसएमएम के जिलाध्यक्ष दिनेश रविदास और संचालन जिला सचिव शम्भु पासवान ने किया। इस अवसर पर सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि देश की आजादी के 76 वर्ष बीत जाने के बाद भी सामाजिक उत्पीडन की सबसे गंभीर मार दलितों, अतिशुद्रों या अनुसूचित जातियों को झेलना पड़ रहा है।

पिछले नौ वर्षों से दलितों, आदिवासियों, पिछड़े व अल्पसंख्यकों को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित करने का काम किया गया है। केंद्र सरकार के द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के खिलाफ अत्याचार निवारण कानून को निष्प्रभावी बनाने के लिए संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना और संघीय ढांचे को कमजोर करने के लिए पूरा जोर लगा दिया है और लोकतंत्र की रक्षा करने वाली तकरीबन सभी संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है।

संविधान की शपथ लेने वाली यह सरकार लगातार संविधान को कमजोर कर रही है। पासवान ने संविधान को बदलने की साजिश करने वाली केंद्र सरकार को आगामी आम चुनाव में सत्ता से उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। दलित शोषण मुक्ति मंच के राज्य महासचिव दिनेश रविदास ने अपने संबोधन में कहा कि 26 नवम्बर के दिन हमें आजादी व समानता के साथ जीने का अधिकार मिला।

आज के ही दिन संविधान सभा ने वर्तमान संविधान को विधिवत रूप से अपनाया और देश को समर्पित किया था। भारतीय संविधान हमें एक आजाद देश का नागरिक की भावना का एहसास कराता है। जहां संविधान में दिए मौलिक अधिकार ढाल बनकर हमारा हक दिलाता है और हमें हमारी जिम्मेदारियों को भी याद दिलाता है। 

वर्तमान केन्द्र सरकार  इंडियन पीनल कोड एंव कोड आफ क्रिमिनल प्रोसिजर को भारतीय न्याय सेवा एंव भारतीय नागरिक सुरक्षा सेवा के नाम से बदल रही है। आज साधन के अभाव में भारत के छोटे-बड़े न्यायालयों में लगभग 5 करोड मुकदमा लंबित है। जिस कारण से देश के लोगों को सही एंव सुलभ न्याय नहीं मिल रहा है। 

निर्माण कामगार यूनियन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश ने बताया कि संविधान को बचाने को लेकर 04 दिसंबर को दलित शोषण मुक्ति मंच के नेतृत्व में दर्जनों दलित संगठनों के द्वारा दिल्ली चलो का आह्वान किया गया है। जिसमें देशभर से लाखों दलित संसद मार्च में हिस्सा लेंगे। 

कोडरमा जिला से भी सैंकडों की संख्या में लोग दिल्ली जायेंगे। कार्यक्रम को सीटू के जिला संयोजक रमेश प्रजापति, वामसेफ के दुर्गा राम, भीम आर्मी के कृष्णा पासवान ने मुख्य रूप से सम्बोधित किया।

इनके अलावा मुकेश रजक, रघुनाथ कुमार दास, सहदेव रविदास, राहुल कुमार, संजय कुमार दास, नागेश्वर दास, अर्जुन कुमार रजक, रितेश दास, शिवपूजन पासवान, दुर्गा रविदास, जगदीश राम, कारू दास, टिंकु कुमार, विक्की कुमार, मनोज पासवान, राजेन्द्र दास, प्रकाश दास, सुरेश राम, रंजीत राम, विजय पासवान आदि कार्यक्रम में मौजूद रहे।

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