टीम एबीएन, लोहरदगा। नंद के घर श्री कृष्ण का प्राकट्य होना ये विधि का ही विधान था। उक्त बातें श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन प्रवचन कर्ता व्यास पंडित पुररुषोत्तम कृष्ण शास्त्री ने कही। उन्होंने कहा कि नंद का अर्थ आनंद देना और यशोदा का आशय यश प्रदान करने वाला है। श्री कृष्ण परम ब्रह्म है।
गोकुल में जितने भी गोपी या बाल सखा हैं वे सभी पूर्व जन्म में ऋषि मुनि ही हैं। भगवान का बाल लीला का श्रवण मोक्षदायिनी होता है। श्री कृष्ण का बाल लीला अनुपम और अद्भुत है। बताते चलें कि पावरगंज कोर्ट रोड विकेस कुमार सिन्हा के आवासीय परिसर में श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है जो 27 दिसंबर तक चलेगा।
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो प्रभु चर्चा में भाग लेते हुए भजन, आरती और श्रीमद् भागवत महापुराण का श्रवण कर लाभान्वित हो रहे हैं।वृंदावन से आये कथा व्यास पंडित पुरषोत्तम कृष्ण शास्त्री एवं उनके टीम के सदस्यों द्वारा प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान व श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का वाचन किया जा रहा है।
कार्यक्रम में राजेंद्र खत्री, गणेश लाल, विरेन्द्र मित्तल, लाल गोपाल नाथ शाहदेव, विकेस कुमार सिन्हा, सिंपी सिन्हा, प्रवीण कुमार सिन्हा, नवीन कुमार सिन्हा, मुकेश कुमार सिन्हा, संचित, प्रियांशु, संकेत, सचिंद्र सुमन कुमार दास, प्रीति जायसवाल, रेखा मिश्रा, सहित सैकड़ों श्रोता उपस्थित थे।
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