एबीएन बिजनेस डेस्क। मोदी सरकार पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर सकती है। इतना ही नहीं मोदी सरकार गेहूं पर लगने वाले इंपोर्ट ड्यूटी को 40 फीसदी से घटाकर शून्य कर सकती है, जिससे देश में सस्ते गेहूं के इंपोर्ट को सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा खाने पकाने के तेल के भी इंपोर्ट ड्यूटी में कमी की जा सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए देशवासियों को भरोसा जताया कि महंगाई से राहत दिलाने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठायेगी। ऐसे में पीएम मोदी के संबोधन के बाद से उम्मीद जतायी जा रही है कि केंद्र जल्द ही कई बड़े फैसले लेगी, जिससे महंगाई पर लगाम लग सके।
आम लोगों को राहत दिलाने के लिए केंद्र जल्द ही पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी में कटौती का एलान कर सकता है। केंद्र फिलहाल पेट्रोल पर 19.90 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 15.80 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी वसूलता है। ऐसे में अगर पेट्रोल-डीजल पर टैक्स घटता है, तो आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे माल ढुलाई की लागत भी कम होगी।
मोदी सरकार रूस से गेहूं आयात करने पर विचार कर रही है। गेहूं के इंपोर्ट पर 40 फीसदी ड्यूटी का प्रावधान है। सूत्रों के मुताबिक मोदी सरकार इसे शून्य कर सकती है। खाने वाले तेल पर भी इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती के आसार हैं।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक पेट्रोल-डीजल, गेहूं और खाद्य तेल पर लगने वाले टैक्स कटौती से सरकार के राजस्व में करीब एक लाख करोड़ रुपए की कमी आयेगी। ऐसे में सरकार इसे अलग-अलग मंत्रालयों के बजट में कटौती के जरिये पूरा करने पर विचार कर रही है, जिससे राजकोषीय घाटे को पूरा करने में कोई दिक्कत न आये।
जुलाई महीने में खुदरा महंगाई दर 7.44 फीसदी के लेवल पर जा पहुंची है, जो 15 महीने का उच्च लेवल है। वहीं खाद्य महंगाई दर 11.51 फीसदी रही है जिससे साफ जाहिर है कि आम आदमी पर महंगाई की मार किस कदर पड़ी है। मोदी सरकार 2024 में कमबैक की तैयारी में है, ऐसे में आम लोगों का वोट पाने के लिए सरकार उनको महंगाई से राहत दिलाने पर काम कर रही है।
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