एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार के करीबी और उनकी पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष के घर पर छापेमारी की है। ईडी ने शनिवार को कहा कि उसने मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक ऋण धोखाधड़ी के मामले में एनसीपी के पूर्व कोषाध्यक्ष ईश्वरलाल जैन, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों के परिसरों पर छापेमारी की है।
इस दौरान तलाशी में 1.1 करोड़ रुपये नकद और करीब 25 करोड़ रुपये मूल्य के 39 किलोग्राम सोने-हीरे के आभूषण जब्त किये हैं। ईडी सूत्रों ने बताया कि ये छापेमारी महाराष्ट्र के जलगांव, नासिक और ठाणे में जैन के 13 ठिकानों पर की गयी।
इस दौरान ईडी अधिकारियों ने मोबाइल फोन से ऐसे दस्तावेज बरामद किए हैं जो जैन के बेटे मनीष द्वारा नियंत्रित रियल्टी फर्म में लक्जमबर्ग इकाई से 50 मिलियन यूरो के एफडीआई प्रस्ताव का संकेत देते हैं। ईडी अधिकारियों के मुताबिक छापेमारी में जलगांव में 2 बेनामी संपत्तियों के अलावा, राजमल लखीचंद समूह से संबंधित 50 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 60 संपत्तियों का विवरण भी इकट्ठा किया गया है।
ईडी के अधिकारियों ने कहा कि जैन द्वारा नियंत्रित 3 ज्वेलरी फर्मों के खातों की जांच के दौरान, उन्हें पता चला कि राजमल लखीचंद समूह से जुड़ी पार्टियों के माध्यम से फर्जी खरीद-बिक्री सौदों के जटिल जाल के माध्यम से ऋण दिये गये और प्रमोटरों ने उस पैसे को अचल संपत्तियों में निवेश किया है।
बता दें कि पिछले साल दिसंबर में सीबीआई की दिल्ली इकाई ने राजमल लखीचंद ज्वैलर्स, आरएल गोल्ड और मनराज ज्वैलर्स और इसके प्रमोटरों- ईश्वरलाल जैन, मनीष जैन और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ तीन बैंक धोखाधड़ी के केस दर्ज की थीं।
आरोप है कि जैन ने कथित तौर पर भारतीय स्टेट बैंक से 353 करोड़ रुपये का ऋण लिया और उसका भुगतान नहीं किया। इन्हीं प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है।
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