टीम एबीएन, रांची। कृषि मंत्री बादल ने कहा है कि सरकार ग्रामीणों की आय में वृद्धि के उपाय तो कर ही रही है, इसके साथ उनके बचत को भी बढ़ाने की योजना तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के किसानों के घरों में बायो प्लांट लगाने का काम किया जा रहा है, जिससे वे पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो सकें।
उन्होंने कहा कि सरकार की सोच है कि यहां की 80 प्रतिशत आबादी, जो खेती-बाड़ी पर निर्भर करती है, उनका सर्वांगीण विकास हो। वह गुरुवार को नेपाल हाउस में आयोजित आनलाइन माध्यम से मेधा स्लरी प्रसंस्करण इकाई के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मौके पर मंत्री ने आनलाइन माध्यम से बेड़ो प्रखंड के बिरसा किसानों से भी बात की, जिनके घरों में बायो प्लांट लगाये गये हैं। उन किसानों ने बताया कि इसके लगने से उनके जीवन स्तर में क्या बदलाव आये हैं। उन्होंने अपना अनुभव भी साझा किया।
मंत्री श्री बादल ने कहा कि राज्य में 80 हजार लीटर दूध प्रतिदिन मेधा डेयरी खरीदती थी, आज वह बढ़कर 2 लाख लीटर हो गया है। मेधा डेयरी का लक्ष्य है कि किसानों को इससे जोड़कर उनसे 5 लाख लीटर प्रतिदिन तक दूध क्रय किया जाये जिससे किसानों की आय में वृद्धि हो सके।
उन्होंने कहा कि किसानों को पशुधन की योजनाओं से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि की जा सके और उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा सके, इसके लिए राष्ट्रिय डेयरी विकास बोर्ड और टाटा ट्रस्ट के साथ मिलकर बायो प्लांट लगाने का काम किया जा रहा है।
इस बायो प्लांट के सफलतापूर्वक संचालन होने से लोगों को गैस सिलेंडर पर निर्भरता घटेगी साथ ही इससे जो स्लरी निकलेगा उसे जैविक खाद के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि मेधा स्लरी प्रसंस्करण इकाई द्वारा किसानों से स्लरी भी खरीदे जाएंगे, जिससे किसानों को एक अन्य आय का साधन भी प्राप्त होगा।
मौके पर राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के चेयरमैन मीनेश शाह ने बताया कि 100 घरों में हमने गोबर गैस का प्लांट लगाया है। दो पशुओं से जो गोबर निकलेगा, उससे किसान 5 से 6 लोगों के परिवार के लिए भोजन पकाने के लिए इंधन के रूप में इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके बहुत सारे फायदे हैं।
खर्च कम होगा, गैस का और कैमिकल फर्टिलाईजर से भी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि ऐसे प्लांट देश के विभिन्न राज्यों में टाटा ट्रस्ट के साथ मिलकर लगाने का काम चल रहा है। आने वाले दिनों में झरखंड में भी 5 हजार गैस के प्लांट लगाये जाने का उनका लक्ष्य है।
कार्यक्रम में विभागीय सचिव अबू बकर सिद्दीकी, राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष डॉक्टर मिनेश शाह, कार्यकारी निदेशक एस रघुपति, महाप्रबंधक अनिल हातेकर, महाप्रबंधक अभिजित भट्टाचार्य, उप महाप्रबंधक चंद्रप्रकाश, प्रबंध निदेशक सुधीर कुमार सिंह, विशेष सचिव (कृषि) प्रदीप कुमार हजारी, उप निदेशक (गव्य) मनोज तिवारी आदि उपस्थित थे।
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