एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र की भाजपानीत मोदी सरकार को पटखनी देने की विपक्ष की तमाम कोशिशें विफल नजर आ रही हैं। आगामी चुनावी वर्ष में तीसरी बार मोदी सरकार आने की प्रबल संभावना बन रही है। यह हम नहीं आंकड़े कह रहे हैं। सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां की 80 सीटों में से भाजपा गठबंधन के पास 73 सीटें जाते हुए दिखाई दे रही है जबकि चार सीटें समाजवादी पार्टी, दो कांग्रेस और एक आरएलडी के खाते में जा सकती है।
उत्तर प्रदेश में भाजपा अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ 73 सीटें जीत रही है। 2014 में भी उत्तर प्रदेश में भाजपा गठबंधन को 73 सीटें मिली थी। 2024 चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। 2024 में आम आम चुनाव होने हैं। आम चुनाव को लेकर राजनीतिक मंच लगातार तैयार हो रहे हैं। माना जा रहा है कि 2024 में दो गठबंधनों के बीच महामुकाबला होगा। एक ओर नरेंद्र मोदी और भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए होगी तो दूसरी और विपक्षी एकता मंच जिससे इंडिया का नाम दिया गया है।
इन सब के बीच एक ओपिनियन पोल में 2024 को लेकर बड़ा दावा किया गया है। ओपिनियन पोल में साफ तौर पर कहा गया है कि 2024 में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए स्पष्ट बहुमत के साथ अपनी सरकार बनाएगी। इसका मतलब साफ है कि 2024 में नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बन सकते हैं। एनडीए 2024 में 318 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है। वहीं, विपक्षी एकता मंच जिसे इंडिया कहा जा रहा है उसके खाते में 175 और अन्य के खाते में 50 सीटें जा सकती हैं।
2024 में भी भाजपा अपने दम पर सरकार बना सकती है। उसके खाते में 290 सीटें जायेंगी। हालांकि 2019 की तुलना में यह 13 सीटें कम हैं। कांग्रेस की सीटों में इजाफा हो रहा है। कांग्रेस 66 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है जबकि आम आदमी पार्टी को 10 और तृणमूल कांग्रेस के 29 सांसद हो सकते हैं।
सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की बात करें तो यहां की 80 सीटों में से भाजपा गठबंधन के पास 73 सीटें जाते हुए दिखाई दे रही है जबकि चार सीटें समाजवादी पार्टी, दो कांग्रेस और एक आरएलडी के खाते में जा सकती है। उत्तर प्रदेश में भाजपा अपने गठबंधन सहयोगियों के साथ 73 सीटें जीत रही है। 2014 में भी उत्तर प्रदेश में भाजपा गठबंधन को 73 सीटें मिली थी।
उत्तराखंड में बीजेपी लगातार तीसरी बार सभी 5 सीटें जीत सकती है। केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को 47% वोट मिलने की संभावना है, एलडीएफ को 2024 में 41% वोट मिलने की उम्मीद है। बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए 11% वोटों के साथ तीसरे स्थान पर है। सीटों की बात करें तो एलडीएफ को 6 और यूडीएफ को 14 मिल सकती है।
इंडिया टीवी-सीएनएक्स ओपिनियन पोल में ओडिशा में नवीन पटनायक की बीजू जनता दल (बीजेडी) को 45% वोट मिलने की संभावना है, 2024 में बीजेपी को 41% वोट मिलने की उम्मीद है। कांग्रेस 11% वोटों के साथ तीसरे स्थान पर है। सर्वेक्षण में 2024 में ओडिशा में बीजेडी के लिए 13 लोकसभा सीटों की भविष्यवाणी की गई है, बीजेपी को फिर से 8 सीटें मिल सकती हैं।
सर्वे के अनुसार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 2024 के लोकसभा चुनावों में टीएमसी की सीट हिस्सेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ मजबूत होकर उभरने की संभावना है, जबकि पिछली बार कड़ी टक्कर देने वाली भाजपा को कई सीटें खोने का अनुमान है।
ओपिनियन पोल में 2024 में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को 29 लोकसभा सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है, जबकि बीजेपी को 12 सीटें मिल सकती हैं। वाम मोर्चे के शून्य दोहराए जाने से कांग्रेस के 1 सीट जीतने की संभावना है। 2019 में भाजपा यहां 18 सीटों पर जीत हासिल की थी।
पिछले आम चुनावों के बाद से महाराष्ट्र में राजनीतिक विभाजन 2024 के लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र में एनडीए की सीटों पर प्रभाव छोड़ने की संभावना है, हालांकि, भगवा पार्टी को इतना नुकसान नहीं होगा कि उसे सबसे अधिक सीटें जीतने से रोका जा सके। 2019 में शिवसेना (बिना गुटबाजी के) के साथ अविभाजित चुनाव लड़ने वाले एनडीए ने 48 में से 41 सीटें हासिल की थीं, हालांकि, 2022 में शिवसेना में विभाजन के बाद, भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को अगले साल सीटों का बड़ा नुकसान होने की संभावना है।
ओपिनियन पोल के अनुसार, बीजेपी को 3 सीटों का नुकसान झेलते हुए 20 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली उसकी सहयोगी पार्टी शिव सेना को केवल 2 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाला उसका प्रतिद्वंद्वी गुट 2024 में 11 सीटें जीत सकती है।
भविष्यवाणी से पता चलता है कि शिवसेना के वफादार मतदाता पार्टी में विभाजन से प्रभावित नहीं हुए हैं और अगले साल के चुनावों में एकनाथ शिंदे के मुकाबले उद्धव ठाकरे का समर्थन करने की संभावना है। 2019 में 4 सीटें जीतने वाली एनसीपी (अविभाजित) अगले साल 6 सीटें जीतने की संभावना है। हालाँकि, 6 में से, अजीत पवार गुट को केवल 2 सीटें जीतने की संभावना है, जबकि शरद पवार पक्ष 4 सीटें जीत सकता है।
अगर कर्नाटक में आज लोकसभा चुनाव 2024 होते हैं तो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को 20 सीटें मिलने की संभावना है, जबकि कांग्रेस 7 सीटें जीत सकती है और जेडीएस (जनता दल सेक्युलर) को सिर्फ 1 सीट मिल सकती है। बीजेपी को 47 फीसदी वोट, कांग्रेस को 40 फीसदी वोट और जेडीएस को सिर्फ 9 फीसदी वोट मिलने की संभावना है। दिलचस्प बात यह है कि बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाले राज्य में कांग्रेस केवल 7 सीटें ही जुटा सकी।
लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए और विपक्ष के गठबंधन इंडिया के बीच घमासान के बीच काफी उतार-चढ़ाव होने की उम्मीद है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य गुजरात वोट प्रतिशत में अहम भूमिका निभाकेगा और इंडिया टीवी द्वारा कराए गए ओपिनियन पोल के मुताबिक, बीजेपी इस राज्य की सभी 26 लोकसभा सीटों पर कब्जा करने जा रही है। इसके अलावा, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को 56 प्रतिशत वोटों के साथ गोवा में सबसे पुरानी पार्टी और अअढ को पछाड़ने की भी उम्मीद है।
राजस्थान में कुल 25 में से 21 लोक सभा सीटों पर एनडीए की जीत हो सकती है, जबकि बाकी चार सीटें कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन के खाते में जा सकती है। मध्य प्रदेश में कुल 29 सीटों में से एनडीए को 24 पर जीत हासिल हो सकती है, जबकि बाकी पांच सीटें विपक्षी गठबंधन के खाते में जा सकती है।
तमिलनाडु में कुल 39 सीटों में से डीएमके के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को 30 लोक सभा सीटें मिल सकती है, जबकि बाकी 9 सीटें एनडीए के खाते में जा सकती है। बिहार में कुल 40 सीटों में से एनडीए को 24 सीटों पर जीत हासिल हो सकती है, जबकि बाकी 16 सीटें विपक्षी गठबंधन के पास जा सकती है। राजद और जदयू को 7-7 सीटें मिल सकती हैं। आंध्र प्रदेश में सभी की सभी 25 लोक सभा सीटें वहां की सत्तारूढ दल रफ कांग्रेस को मिल सकती है, और दोनों राष्ट्रीय गठबंधनों को एक भी सीट नहीं मिल सकती है।
तेलंगाना में कुल 17 लोक सभा सीटों में से नौ सीटें वहां की सत्तारूढ पार्टी भारत राष्ट्र समिति को मिल सकती है, जबकि एनडीए को छह, और विपक्षी गठबंधन को केवल दो सीटें मिल सकती है। दिल्ली में अगर आम आदमी पार्टी का कांग्रेस के साथ सीटों को लेकर समझौता हुआ, तो कुल सात लोकसभा सीटों में से बीजेपी को पांच सीटें मिल सकती है, जबकि बाकी दो सीटें इंडिया गठबंधन को मिल सकती है। इसी तरह पंजाब में अगर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट समझौता हुआ, तो यह गठबंधन सभी की सभी 13 लोक सभा सीटें जीत सकती है, और एनडीए को एक भी सीट नहीं मिल सकती है।
हरियाणा में कुल 10 में से आठ सीटें एनडीए को मिल सकती है, जबकि विपक्षी गठबंधन को बाकी दो सीटें मिल सकती है। झारखंड में कुल 14 सीटों में से एनडीए को 13 सीटों पर जीत हासिल हो सकती है, जबकि विपक्षी गठबंधन को सिर्फ एक सीट मिल सकती है।
छत्तीसगढ में कुल 11 लोक सभा सीटों में से एनडीए सात पर जीत हासिल कर सकती है, जबकि बाकी चार सीटें इंडिया गठबंधन को मिल सकती है। जम्मू कश्मीर और लद्दाख की कुल 6 लोकसभा सीटों में से एनडीए को तीन, विपक्षी इंडिया गठबंधन को दो, और अन्य को एक सीट मिल सकती है। पूर्वोत्तर राज्यों में, असम की कुल 14 में से 12 सीटें एनडीए को मिल सकती है, जबकि विपक्षी इंडिया गठबंधन और अकवऊऋ को एक-एक सीट मिल सकती है। मणिपुर में दोनों सीटें विपक्षी इंडिया गठबंधन को मिल सकती है। लेकिन बाकी छह पूर्वोत्तर राज्यों में एनडीए सभी नौ सीटें जीत सकती हैं।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse