टीम एबीएन, रांची। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने कहा कि वह 10वीं कक्षा की छात्रा की मौत के मामले की जांच करेगा, जिसने बिंदी लगाकर स्कूल आने के लिए शिक्षिका द्वारा थप्पड़ मारे जाने के बाद कथित रूप से आत्महत्या कर ली थी।
एनसीपीसीआर ने मामले में लिया संज्ञान
एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बताया- हमें सूचना मिली है कि धनबाद के एक स्कूल में बिंदी लगाकर आने पर पीटे जाने और अपमानित किए जाने से आहत हो कर एक छात्रा ने आत्महत्या की है।
एनसीपीसीआर ने मामले पर संज्ञान लिया है और हम मामले की जांच करेंगे। कानूनगो ने कहा कि एनसीपीसीआर का एक दल मामले की जांच के लिए धनबाद जायेगा। वहीं, पुलिस के मुताबिक, लड़की ने एक सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें उसने घटना के लिए शिक्षिका और स्कूल के प्रधानाचार्य को कथित रूप से जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने बताया कि तेतुलमारी पुलिस थाने के प्रभारी को संबोधित करते हुए सुसाइड नोट में लड़की ने कहा कि वह सबके सामने किया गया अपना अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकती और अपनी जान दे रही है। उसने शिक्षिका और प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की।
गौरतलब है कि घटना 10 जुलाई को धनबाद के तेतुलमारी में हुई जहां एक शिक्षिका ने प्रार्थना के दौरान 17 वर्षीय लड़की को माथे पर बिंदी लगाने के लिए थप्पड़ मार दिया था। लड़की ने स्कूल से घर लौटने के बाद अपने कमरे में लगे पंखे से लटककर फांसी लगा ली। पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर लिया।
वहीं, लड़की के परिवार का आरोप है कि जब लड़की की मां अपनी बेटी को थप्पड़ मारने और उसका अपमान करने की शिकायत लेकर स्कूल पहुंची तो प्रधानाचार्य ने उसे वापिस भेज दिया। परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं की।
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