मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ ट्रेड यूनियनों का संयुक्त कन्वेंशन

 

  • 9 अगस्त को धनबाद में मजदूरों के महापड़ाव में सैकड़ों लोग होंगे शामिल 

टीम एबीएन, झुमरीतिलैया। केंद्र सरकार की मजदूर किसान विरोधी जनविरोधी व राष्ट्रविरोधी विनाशकारी सरकारी नीतियों के खिलाफ तथा वैकल्पिक नीतियों के लिए ट्रेड यूनियनों सीटू, एटक, एक्टू और इंटक का संयुक्त जिला स्तरीय कन्वेंशन रविवार को साहू भवन झुमरीतिलैया में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता रमेश प्रजापति, विजय पासवान, अनिल यादव, बिनोद पासवान की संयुक्त अध्यक्ष मंडल किया। 

कन्वेंशन का उदघाटन एक्टू के राज्य महासचिव शुभेन्दु सेन ने करते हुए कहा कि आज जनता के साथ साथ हमारे देश की स्थिति काफी चिंताजनक एवं गंभीर है। जिसके लिए केंद्र की भाजपानीत मोदी सरकार की नीतियां जिम्मेदार है। एटक के राज्य महासचिव अशोक कुमार यादव ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार न केवल मजदूर विरोधी, किसान विरोधी और जनविरोधी है, बल्कि राष्ट्र विरोधी भी है।

ये नीतियां न केवल हमारी अर्थव्यवस्था बल्कि हमारे देश की एकता और अखंडता के लिए भी विनाशकारी साबित हुई है। गरीबों और मजदूरों पर लगातार बोझ डाला जा रहा है। इसके खिलाफ हमें मजदूरों को सड़कों पर लामबंद करना होगा।

सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान ने कहा कि देश में बेरोजगारी प्रचंड रूप ले चूका है। स्थायी नौकरी की जगह अनुबंध, ठेका और आउटसोर्सिंग लाया जा रहा है, जहां मजदूरों का शोषण जारी है। नौकरी की सुरक्षा नहीं है। महंगाई से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। एक किलो चिकन का दाम से ज्यादा एक किलो टमाटर का दाम हो गया है। हरा मिर्च, अदरक लहसुन का दाम भी आसमान पर है। जीरा, गोलमिर्च सहित सभी मसाले, दाल, आटा-चावल आदि सभी खाने पकाने का दाम बेतहाशा बढ़ने से आम आदमी के थाली से दूर हो रहा है। 

इंटक के अध्यक्ष राजकिशोर सिहं ने कहा कि मौजूदा श्रम कानूनों को कमजोर कर कॉरपोरेट परस्त मालिक पक्षीय चार लेबर कोड लाया गया है। केंद्र सरकार अक्रामक तरीके से राष्ट्रीय संपत्ति, सार्वजनिक उपक्रमों, वित्तीय संस्थानों का निजीकरण कर रही है। राष्ट्रीय मौद्रिक पाइपलाइन के माध्यम से राष्ट्रीय सम्पत्तियों को कॉरपोरेट घरानों को औने पौने दामों में बेचा जा रहा है।

पूंजीपतियों के टैक्स माफ कर लाखों करोड़ों का कर्जा माफ किया जा रहा है। कन्वेंशन को जिला परिषद सदस्य और एटक नेता महादेव राम, इंटक के महासचिव शुभम वर्णवाल, एटक की उपाध्यक्ष सोनिया देवी, सीटू नेत्री और आंगनबाड़ी यूनियन की अध्यक्ष मीरा देवी, एक्टू के राजेन्द्र यादव, एटक के उदय द्विवेदी ने भी सम्बोधित किया।

कन्वेंशन में कई प्रस्ताव पारित किए गए, जिसमें ट्रेड यूनियनों के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर मांगों के समर्थन में भारत छोड़ो दिवस पर 9 अगस्त को धनबाद में होने वाले मजदूर कर्मचारियों का महापड़ाव में सैकड़ों की संख्या में में शामिल होने का प्रस्ताव पारित गया। इसकी तैयारी के लिए पदयात्रा, जीप जत्थे, बाइक रैली, नुक्कड़ सभा के माध्यम से प्रचार प्रसार और जनसंपर्क अभियान चलाने का भी प्रस्ताव पारित किया गया।

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