टीम एबीएन, कोडरमा। जिले के सरकारी विभागों में इन दिनों रिश्वतखोरी अपने चरम सीमा पर है। यही वजह है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने 11 दिन के बाद पुन: एक बार शुक्रवार को कोडरमा जिले में दस्तक दी और घूस लेते हुए रंगे हाथ एक महिला पदाधिकारी को गिरफ्तार किया।
इस बार पूरा मामला जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय परिसर में संचालित सहकारिता विभाग से जुड़ा हुआ है। दरअसल जिले के कोडरमा थाना क्षेत्र के पत्थलडीहा निवासी रामेश्वर प्रसाद यादव जो कोडरमा व्यापार मंडल सहयोग समिति लिमिटेड के प्रबंध समिति के सदस्य भी हैं।
कोडरमा व्यापार मंडल बीज वितरण हेतु नोडल एजेंसी है जिसका 16 जून को सहायक निबंधक मिताली शर्मा के द्वारा व्यापार मंडल का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान कुछ गड़बड़ी पाए जाने पर रामेश्वर प्रसाद को स्पष्टीकरण भी मांगा गया था।
इस संबंध में जब रामेश्वर प्रसाद सहायक निबंधक से मिलने गए तो सहायक निबंधक मिताली शर्मा ने कहा कि स्पष्टीकरण से बचना है तो 20 हजार रुपये देना होगा। लेकिन रामेश्वर प्रसाद घुस नहीं देना चाहते थे और इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस अधीक्षक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो हजारीबाग को आवेदन के माध्यम से किया।
जिसके बाद शिकायत की जांच एवं सत्यापन के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सहायक निबंधक मिताली शर्मा के द्वारा घूस मांगे जाने की शिकायत को सत्य पाया। जिसके बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो हजारीबाग थाना में कांड संख्या 5/23 दिनांक 6 जुलाई को दर्ज किया गया।
इसके बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो हजारीबाग के दंडाधिकारी अपनी टीम के साथ 7 जुलाई कि सुबह प्राथमिकी अभियुक्त मिताली शर्मा पिता मुकेश शर्मा, हजारीबाग जिले के बड़ा बाजार निवासी को 10 हजार घूस लेते हुए रंगे हाथ सहकारिता विभाग के कार्यालय से गिरफ्तार किया और अग्रिम कार्रवाई के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम अपने साथ हजारीबाग लेकर चली गई।
ज्ञात हो कि इससे पहले 27 जून को कोडरमा मुख्यालय में ही एक वनरक्षी को 5 हजार रुपये घूस लेते भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो हजारीबाग की टीम ने गिरफ्तार किया था।
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