स्कूली छात्रा की शादी करा रहे थे, सीडब्ल्यूसी ने रोका

 

  • छात्रा ने किया विरोध, कहा- शादी नहीं पढ़ाई करने की है इच्छा

टीम एबीएन, लोहरदगा। जिले में बाल विवाह का प्रयास जिला बाल कल्याण समिति और प्रशासन की सक्रियता से रूक गया। यह मामला लोहरदगा के किस्को प्रखंड का है। परिजनों ने सोलह वर्षीया स्कूली छात्रा की शादी तय कर दी थी, दो मई को बारात आनेवाली थी।

नाबालिग लड़की के मुताबिक इस शादी का वह यह कहते हुए लगातार विरोध कर रही थी कि उसकी उम्र शादी की नहीं है। वह पढ़ना चाहती है।

इधर परिजनों का कहना है कि लड़की शादी की कानूनी उम्र क्या है इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। इसलिए लड़की की शादी तय कर दी थी।

लड़की ने इस बार मैट्रिक की परीक्षा लिखी है। उसका विवाह रांची जिले में तय किया गया था। इसी बीच लड़की ने जिला बाल कल्याण समिति से संपर्क कर इसकी जानकारी दी। समिति ने इसकी सूचना किस्को बीडीओ और बगडू थाना को दी।

प्रशासन और समिति के लोगों ने लड़की के घर पहुंचकर बातचीत की। बाल कल्याण समिति सदस्य मनोरमा मिंज और पूजा कुमारी ने बताया कि लड़की से बातचीत में पता चला कि वह आगे पढ़ना चाहती है। लेकिन उसके घर वाले जानकारी के अभाव में 16 वर्ष में ही उसकी शादी कर दे रहे हैं। 

जिसके बाद सीडब्ल्यूसी के सदस्यों ने लड़की और लड़की के परिवार को समझाते हुए शादी की उम्र से पहले और लड़की के बिना इजाजत के शादी नहीं करने की सलाह दी। परिजनों से बाल विवाह न कराने की शपथपत्र लिखायी गयी। माता-पिता और परिजनों की काउंसिलिंग की गयी।

गौरतलब है कि पिछले एक साल के दौरान लोहरदगा में बाल विवाह के दो प्रयासों को बाल कल्याण समिति और प्रशासन ने रोका है।

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