ब्लैक होल : चौंकाने वाले रहस्य से जानें ये नरक द्वार है या ब्रह्मांड का पिछला दरवाजा...

 

एबीएन नॉलेज डेस्क। अंतरिक्ष की दुनिया भी बड़ी रहस्यमयी है और ब्लैक होल  यहां की सबसे अधिक ध्यान खींचने वाली चीज। वैज्ञानिकों ने इस ब्लैक होल के बारे में जो सिद्धांत बताये हैं, वे किसी के भी होश उड़ा देने वाले हैं। यहां की हर गतिविधि हैरत में डाल देने वाली है। मानो यह कोई जादुई दुनिया है। वास्तव में ब्लैक होल की रहस्यमयता लोगों की कल्पना से भी परे है। आइये ब्लैक होल के बारे में कुछ बड़ी बातें जानते हैं।

ब्लैक होल ब्रह्मांड में सबसे आकर्षक और वैज्ञानिकों के बीच सबसे पुरानी बहस में शामिल मुद्दों में से एक रहा है। दशकों तक लोग इसे एक काल्पनिक दुनिया समझते रहे। लेकिन शुक्रिया कहना चाहिए दिवंगत वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का, जिन्होंने इस मुश्किल और अबूझ चीज को एक वैज्ञानिक आधार प्रदान किया।

ब्लैक होल के बारे में पांच सबसे विचित्र और चौंकाने वाले सिद्धांत क्या हैं- जिसके बारे में वैज्ञानिकों ने बताया है :-

रिंग ऑफ फायर : साल 2019 में खगोलविदों ने दूर आकाशगंगा में ब्लैक होल की एक तस्वीर ली। तब वैज्ञानिकों ने इसे एक राक्षस के रूप में वर्णित किया क्योंकि यह पृथ्वी के आकार का तीन मिलियन गुना था। जैसा कि शोधकर्ताओं ने बताया था कि यहां एक ऐसी छवि है जो अंधकारनुमा है और गोलाकार है और वहां एक रिंग ऑफ फायर जैसी आकृति नजर आती है।

नीदरलैंड के रेडबौड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक हीनो फाल्के के शब्दों में कहें तो ऐसा लगता है जैसे वह नरक का द्वार हो। ब्लैक होल अपने चारों ओर प्रकाश को एक प्राकृतिक घुमाव देता है, जो कि गोलाकार छाया बनाता है।

ब्लैक होल के बाल : 2015 में दिवंगत भौतिक विज्ञानी प्रोफेसर स्टीफन हॉकिंग ने कहा था कि ब्लैक होल स्थायी जेल जैसा नहीं था। एक साल बाद उन्होंने यह कहते हुए अपने सिद्धांत का विस्तार किया कि उत्तर शून्य-ऊर्जा कण ब्लैक होल के क्षितिज पर बैठते हैं।

उन्होंने कहा कि ब्लैक होल के किनारे पर जमा क्वांटम कण, ब्लैक होल में गिरने वाले कणों की जानकारी को कैप्चर और स्टोर कर सकते हैं। उन्होंने इसकी तुलना नष्ट हुए एक ऐसे विश्वकोश से की, जहां जानकारी तकनीकी रूप से नष्ट नहीं होगी। इस सिद्धांत से कोई खास फायदा तो नहीं हुआ लेकिन ब्लैक होल की गैस और धूल का क्या होता है, इस बारे में लंबे समय से चल रहे विरोधाभास को हल करने में मदद मिल सकती है।

निकलते हैं गैस के फव्वारे : एक ब्लैक होल का शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण का मतलब है कि अगर यह छेद के किनारे के बेहद करीब हो जाता है तो कुछ भी नहीं बच सकता। लेकिन इनमें से कई रहस्यमय वस्तुएं वास्तव में गैस और धूल जैसी चीज से घिरी हुई हैं जिसने ब्लैक होल को घेर रखा हैं और यहां के अंदर की दुनिया साफ-साफ नजर नहीं आती।

डार्क एनर्जी का स्रोत : पिछले महीने ही लंदन के इंपीरियल कॉलेज के वैज्ञानिकों ने ब्लैक होल के बारे में एक रोमांचक घोषणा की है। उन्होंने खुलासा किया है कि यहां की वस्तुएं वास्तव में अज्ञात ऊर्जा का स्रोत हो सकती हैं जिसे डार्क एनर्जी के रूप में जाना जाता है।

1998 में हमारे खगोलविदों ने बताया था कि न केवल ब्रह्मांड का विस्तार हो रहा है, बल्कि इसका विस्तार बहुत ही तेजी से हो रहा था। इस खोज को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्तावित किया गया था कि एक डार्क एनर्जी गुरुत्वाकर्षण की तुलना में अधिक मजबूती से विकसित हो रही है।

नौ देशों के 17 शोधकर्ताओं की एक टीम ने नौ अरब वर्षों के ब्लैक होल के विकास का अध्ययन किया था। उन्होंने प्राचीन और सुप्त आकाशगंगाओं का भी अवलोकन किया और पाया कि ब्लैक होल में वैक्यूम ऊर्जा या डार्क एनर्जी होती है।

ब्रह्मांड का पिछला दरवाजा : ब्लैक होल के भीतर गहरा गुरुत्वाकर्षण यहां की सबसे बड़ी विलक्षणता है। इस सिद्धांत के अनुसार ब्लैक होल के माध्यम से यात्रा करने वाली कोई भी चीज चरम सीमा तक फैली होगी। शोधकर्ताओं का कहना है कि ब्लैक होल के अंदर का मामला हमेशा के लिए खो नहीं जायेगा जैसा कि पहले सोचा गया था। हो सकता है यह ब्रह्मांड का पिछला दरवाजा हो सकता है। उस पार की दुनिया न कितनी रहस्यमयी होगी।

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