एबीएन हेल्थ डेस्क। एक समय था जब हार्ट संबंधी समस्याएं उम्रदराज लोगों को ही ज्यादा हुआ करती थीं। लेकिन आज हार्ट की बीमारी के शिकार हर आयुवर्ग के लोग हैं। भारत में एक बड़ी आबादी हृदय रोग से पीड़ित है और हृदय रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। क्या वजह है? कहीं खानपान व लाइफस्टाइल में गड़बड़ हो रही है? जानिये उन गड़बड़ियों के बारे में जो युवाओं में हार्ट अटैक के कारणों को बढ़ावा दे रही हैं।
पेट की चर्बी
युवाओं में बैली फैट का बढ़ना और मोटापा दिल का दौरा पड़ने का सबसे बड़ा कारण है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की नयी रिपोर्ट के अनुसार अगर आपका बीएमआई सामान्य है और पेट के आसपास चर्बी की मात्रा अधिक है तो आपको दिल का दौरा पड़ने की आशंका कई गुणा बढ़ जाती है। ऐसे में व्यायाम और खुराक दोनों का ख्याल जरूरी है।
पोषण का स्तर
शोध बताते हैं कि भारत में 47 प्रतिशत लोगों को विटामिन बी12 की कमी है। विटामिन बी12 की कमी दिल का दौरा पड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण रिस्क फेक्टर है। बी12 की कमी से सीरम होमोसिस्टीन का स्तर बढ़ जाता है जो दिल के दौरे से सीधा संबंध रखता है। जिंक, सेलेनियम, विटामिन सी और विटामिन ई की कमी वाले आहार को भी हृदय रोग के बढ़ते जोखिम से जोड़ा जाता है। साथ ही सैचुरेटेड फैट्स, ट्रांस फैट्स और नमक यानी सोडियम का अत्यधिक सेवन हृदय के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है।
नींद की अहमियत
सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार जो वयस्क रोज रात को 7 घंटे से कम सोते हैं उन्हें दिल का दौरा पड़ने की आशंका काफी अधिक होती है। इसका कारण यह है कि नींद की कमी से अकसर तनाव बढ़ता है। जो आपको दिन भर गतिहीन बनाकर रखता है। इस वजह से आप भूख लगने पर बाहर से कुछ अनहेल्दी भी खा ही लेते हैं। यह सभी कारण शरीर में फैट को जमा करते हैं। जिसका आपके दिल की सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
तनाव के असर
ज्यादातर लोग हर समय कुछ न कुछ सोच रहे होते हैं। इससे शरीर में स्ट्रैस हार्मोन बढ़ जाते हैं जो पेट के चारों तरफ फैट बनकर जमा होने लगते हैं। बहुत लोग तनाव में अधिक भोजन करते हैं। जिसके चलते अनहेल्दी फूड खा लेते हैं और ओवर ईटिंग के शिकार हो जाते हैं। इससे शरीर में कैलोरी का स्तर बहुत बढ़ जाता है। फैट और बढ़ जाता है। तनाव के चलते अनिद्रा दोष हो जाता है। ये सब स्थितियां हृदय रोग की आशंका बढ़ा देती हैं। तनाव हाई ब्लडप्रेशर या हाइपरटेंशन के कारणों में से एक है। दिल के दौरे का एक कारण हाई ब्लड प्रेशर भी है।
तनाव
तनाव को कैसे डील करते हैं यह आपकी ओवरआॅल वेलनेस पर प्रभाव डालता है। मनोवैज्ञानिक शोधों से यह बात सामने आई कि तनाव उन व्यक्तियों को अधिक प्रभावित करता है जो यह विश्वास करने लगते हैं कि तनाव की वजह से उनपर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
सक्रियता
सन 2020 में हुए एक शोध में यह पाया गया कि शहरों में रहने वाले 60 प्रतिशत लोग निष्क्रिय या कम एक्टिव हैं। शारीरिक सक्रियता कम होना भी हृदय रोग बढ़ाता है। इसलिए यदि आपको एक ही स्थान पर बैठकर काम करना है तो अपनी दिनचर्या में एक्सरसाइज व योग को जरूर शामिल करें। स्वस्थ हृदय के लिए प्रतिदिन ढाई घंटा व्यायाम या योग करने की सलाह दी जाती है।
धूम्रपान का कारक
धूम्रपान करने से ब्लडस्ट्रीम में रसायन निकलते हैं। जो धमनियों और नसों के रक्त को गाढ़ा कर देते हैं और थक्का बनने का कारण बनते हैं। यह थक्के रक्तप्रवाह में बाधक बनते हैं। परिणाम स्वरूप दिल का दौरा पड़ता है। तम्बाकू का प्रयोग लगभग 11।9 प्रतिशत युवाओं द्वारा किया जाता है। यह चिंता का बड़ा कारण है।
ये सभी कारण इस युवा पीढ़ी की बदलती जीवनशैली की वजह से हैं। हमने देर से सोना शुरू कर दिया है। फास्टफूड का सेवन ज्यादा है। वक्त-बेवक्त भोजन करते हैं। न सोने का समय निश्चित,न ही उठने का व न ही भोजन करने का। युवा पीढ़ी की एक निश्चित दिनचर्या ही नहीं है। ये सभी कारण केवल हृदय रोग ही नहीं बल्कि पीसीओडी, असामान्य लिपिड प्रोफाइल, अवसाद, एंग्जाइटी आदि का खतरा भी बढ़ा रहे हैं। हमारी पुरानी पीढ़ी अपने खानपान और जीवनशैली को लेकर बहुत सजग रही है। समय पर सोना और सुबह जल्दी उठना उनकी जीवनशैली का अहम हिस्सा रहा है जिसे आज की युवा पीढ़ी को अपने बड़ों से सीखने की जरूरत है।
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