एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में कोरोना से हाहाकार मचा हुआ है। 8 दिसंबर से लेकर 12 जनवरी के बीच यानी 36 दिनों में 60 हजार लोग कोरोना के कारण मौत की नींद सो गये। यह पहली बार है जब चीन ने मौत का आंकड़ा जारी किया है। जीरो कोविड पॉलिसी में ढील देने के बाद चीन में अचानक मामले तेजी से बढ़े हैं।
नेशनल हेल्थ कमीशन के मेडिकल अफेयर्स डिपार्टमेंट के डायरेक्टर जियाओ याहुई ने कहा कि चीन में कोविड इन्फेक्शन के कारण रेस्पिरेटरी फेलियर के कारण 5,503 मौतें हो गयी। इसके अलावा, 54,435 लोगों की मौत कोविड संक्रमण के कारण हुई लेकिन वे कैंसर या दिल की बीमारियों से पीड़ित थे।
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, चीन कोरोना के कारण हुई उन्हीं मौतों की काउंटिंग कर रहा है, जो निमोनिया और रेस्पिरेटरी फेलियर की वजह से हुई हैं। यह फॉर्मूला डब्ल्यूएचओ के तरीके से एकदम अलग है।
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के मुताबिक, चीन कोरोना के कारण हुई उन्हीं मौतों की काउंटिंग कर रहा है, जो निमोनिया और रेस्पिरेटरी फेलियर की वजह से हुई हैं। यह फॉर्मूला डब्ल्यूएचओ के तरीके से एकदम अलग है। मरने वालों की औसत आयु 80.3 और मरने वालों में 90% की उम्र 65 या उससे अधिक थी। चीन में कोरोना के कारण हाल बेहाल हैं। चीन के ऊपर कोरोना से होने वाली मौतों को छिपाने के आरोप लगते रहे हैं। ऐसी रिपोर्ट्स भी आई हैं कि चीन के अस्पतालों और अंत्येष्टि घर शवों से भर गये हैं।
कई देशों ने चीन से आने वाले यात्रियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही उससे बाकी दुनिया के साथ ज्यादा डेटा शेयर करने को कहा है। हालांकि, चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका पर भी दबाव डाला जाना चाहिए कि वह एक्सबीबी.1.5 सबवैरिएंट के प्रसार के बारे में अपने डेटा को समय पर साझा करे।
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