टीम एबीएन, रांची। जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्रीस्वामी अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने अपने प्रवचन के पांचवें दिन भगवान की अहैतुकी कृपा का वर्णन किया।
रांची के रातू रोड स्थित राणीसती मंदिर लेन के श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मन्दिर (तिरूपति बालाजी) में आयोजित कथा प्रवचन के पांचवें दिन की कथा में श्रीस्वामी अनिरुद्धाचार्यजी ने कहा कि भगवान के जैसा दयालु कोई पुरुष नहीं है। भगवान जिसपर विशेष कृपा करते हैं, उसके धन का हरण कर लेते हैं और प्राणि कि श्रद्धा, समर्पण और संकल्प की परीक्षा लेते हैं।
श्री स्वामी जी ने कहा कि हमारे गुरुदेव गोलोकवासी परमहंस श्रीस्वामी भगवादासाचार्यजी महाराज की कृपा और संकल्प का ही प्रसाद है कि भक्तों के अभीष्ट फलदाता भगवान श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर जगतजननी महालक्ष्मी और भूदेवी के साथ दिव्य-देश में विराजमान हैं और भक्तों का नित्य कल्याण कर रहे हैं।
श्रीस्वामीजी ने जोर देकर कहा कि भगवान को भक्तों की चतुराई पसन्द नहीं है। चतुराई मनुष्य को भगवान से दूर कर देती है। भगवान को सरल और सहज भक्त ही पसन्द है।
श्रीगोविन्द दास जी महाराज और पद्मनाभजी के अलावा मंदिर के अर्चक: श्री सत्यनारायण गौतम गोपेश आचार्य और नारायण दास भी स्वामीश्री के प्रवचनामृत का पान किया।
मौके पर सर्वश्री रामअवतार नारसरिया, सुशील नारसरिया, अनूप अग्रवाल, गौरीशंकर साबू, रंजन सिंह, नीरू फोगला, पंडित श्यामानंद झा के अतिरिक्त सैकड़ों भक्तों नेकथा श्रवण किया।
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