टीम एबीएन, कोडरमा। गुरू गोविंद सिंह की जयंती को लेकर मंगल वार को शहर के नगर कीर्तन निकाला गया। इसमें पूर्व जिप अध्यक्ष शालिनी गुप्ता मुख्य अतिथि के रुप में थीं। उन्होंने कहा कि गुरुगोविंद सिंह जी की जीवन त्याग और बिलदान का प्रतीक है। वे वीरता और शौर्य के प्रतीक थे। आगे आगे पांच प्यारे, फूलों से सुसज्जित पालकी पर श्री गुरुग्रंथ साहिब जी और उनके संग-संग तुम हो सब राजन के राजा, आपे आप गरीब नवाजा, तहीं प्रकाश हमारा भयो, पटना शहर विखे भव लयो पंथ चले तब जगत में, जब तुम करहु सहाई जैसे शबद गायन के संग चलते साध संगत महिला पुरुष, बच्चे बच्चियां।
यह नजारा सोमवार को शहर के सड़कों पर दिखा। खालसा पंथ के संस्थापक गुरु गोविंद सिंह महाराज के 356 वें प्रकाश उत्सव पर गाजे बाजे के साथ नगर कीर्तन निकली। नगर कीर्तन भेराइज बिल्डिंग स्थित गुरुद्वारा गुरुनानक पूरा से शुरू होकर ओवर ब्रिज, झंडा चौक, रांची पटना रोड होते हुए सामंतों पेट्रोल पंप के समीप पहुंचा यहां संगत के द्वारा लंगर का आयोजन किया गया। इस दौरान जिप अध्यक्ष रामधन यादव व पूर्व जिप अध्यक्ष शालिनी गुप्ता गुरुग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेक कर सुख समृद्धि का आशीर्वाद मांगी। लंगर में सर्व धर्म का संगम दिखा। यहां सिख समुदाय के अलावा अन्य समुदाय के सैकड़ों लोगों ने लंगर ग्रहण किया। इसके उपरांत नगर कीर्तन ब्लॉक रोड होते हुए गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा पहुंची।
यहां गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान सरदार अवतार सिंह व सचिव यशपाल सिंह गोल्डन के द्वारा संगत का स्वागत किया गया। यहां से नगर कीर्तन हटिया रोड, स्टेशन रोड होते हुए कलगीधर गुरुद्वारा पहुंची। यहां गुरुद्वारा कमेटी के सचिव संजू लांबा ने संगत का स्वागत किया। इसके उपरांत नगर कीर्तन पुन: गुरुनानक पूरा पहुंच कर संपन्न हुआ. समाप्ति के उपरांत कुलबीर कालरा ओर गौतम कालरा के द्वारा अटूट लंगर का आयोजन हुआ। इसके पहले नगर कीर्तन में सफेद सूट और नीले दुपट्टा में महिलाएं व सफेद कुर्ता और नीली पगड़ी में पुरुष कतारबद्ध नगर कीर्तन में नजर आए। नगर कीर्तन के दौरान जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल, वाहेगुरु जी का खालसा वाहेगुरु जी की फतेह जैसे उद्घोष से शहर गुंजायमान होता रहा। इधर, नगर कीर्तन की शुरुआत में सबसे पहले फूलों से सुसज्जित पालकी पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को विराजमान किया गया।
रथ में गुरु ग्रंथ साहिब जी के विराजमान होते ही सभी साध संगत ने शीश झुका कर नमन किया और सबकी तरक्की व मंगलकामना के लिए प्राथना की। सुसज्जित पालकी के आगे पंच प्यारे हरमीत सिंह, पर्मेंद्र सिंह, अवतार सिंह, जस्वीर सिंह व मंजीत सिंह चल रहे थे। इनके आगे अंगद सिंह, अमन सिंह व बलप्रीत सिंह निशान साहिब को लेकर चल रहे थे। नगर कीर्तन में सबसे आगे पांच घुड़सवार चल रहे थे. इनके पीछे सिख समुदाय के लोग सड़क पर झाड़ू लगाते और पुष्प वर्षा कर रहे थे। इनके पीछे श्री गुरुग्रंथ साहिब का सुसज्जित पालकी चल रही थी।
गुरु ग्रंथ साहिब के पास हरभजन सिंह खालसा, कवलजीत सिंह सलूजा, दर्शन सिंह भाटिया व जस्वीर सिंह सलूजा चवर डुला रहे थे। नगर कीर्तन के दौरान गुरुद्वारा गुरु नानक पुरा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार बलबीर सिंह भाटिया, कोषाध्यक्ष हरीश होरा, गुरजीत सिंह भाटिया, रम्मी भाटिया, जानू भाटिया, सनी भाटिया, शैंकी भाटिया, यशदीप भाटिया, रिजक सिंह भाटिया, अक्षत सिंह छाबड़ा, राजू अजमानी, जितेंद्र भाटिया, गोल्डी भाटिया, गुरुद्वारा गुरु सिंह, सभा के सचिव यशपाल सिंह गोल्डन, गुरुद्वारा कलगीधर से गुरुद्वारा सचिव संजू लांबा, बॉबी लांबा, प्रिंस छाबड़ा, सोनू भाटिया, किशोरी भाटिया, संजीव सूद, रवि छाबड़ा समेत कई लोग मौजूद थे।
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