एबीएन सेंट्रल डेस्क। चीन में तेजी से संक्रमण फैला रहे बीएफ.7 नामक कोविड-19 के नके म्यूटेशन ने केंद्र सरकार को लोगों को मास्क लगाने और टीका लगवाने की सलाह देने के लिए प्रेरित किया है। कोविड-19 के ओमिक्रॉन स्ट्रेन के इस सब-वैरिएंट के देश में अब तक बीएफ.7 के चार मामले सामने आये हैं। इनमें से तीन गुजरात से हैं और एक ओडिशा से। दो संक्रमित व्यक्ति अमेरिका की यात्रा करके लौटे थे। ये महिलाएं हैं। हालांकि, चारों अब स्वस्थ हो चुके हैं।
भले ही भारत में आने वाले रोजाना केसों की संख्या नियंत्रण है, केंद्र ने बुधवार को संक्रमित मरीजों को निगरानी में रखने और उभरते वैरिएंट की पहचान करने के उपायों पर चर्चा की। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर आने वाले यात्रियों के नमूने फिर से लिए जा रहे हैं। केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कहा है कि वे सभी कोविड केसों के नमूनों को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भारतीय एसएआरएस- सीओवी-2 जीनोमिक्स कंसोर्टियम प्रयोगशालाओं में भेजें।
बीएफ.7 क्या है : सभी वायरसों की तरह एसएआरएस- सीओवी-2, जिसके कारण 2020 में कोविड महामारी फैला, अल्फा, डेल्टा, ओमिक्रॉन और अन्य जैसे कई म्यूटेशन से गुजरा। ये वैरिएंट मानव प्रतिरक्षा (इम्यून सिस्टम) और टीके से बचने के लिए शाखाओं में बंट गये और अधिक सब-वैरिएंट के रूप में विकसित हुए।
बीएफ.7 (बीए.5.2.1.7) का पहला मामला भारत में पहली बार जुलाई में पाया गया था। यह अत्यधिक तेजी से फैलने वाले ओमिक्रॉन का एक सब-वेरिएंट है। यह चीन में प्रवेश करने से पहले पहली बार अमेरिका और यूरोप में पाया गया था, जहां यह नए संक्रमणों में तेजी से वृद्धि कर रहा है।
कैसे पता चलेगा कि मुझे बीएफ.7 संक्रमण है : बीएफ.7 संक्रमण वाले मरीजों में ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित लोगों के समान लक्षण दिखाई देते हैं। इसके लक्षणों में ऊपरी श्वसन संक्रमण, गले में खराश, थकान, नाक बहना, खांसी और बुखार शामिल हैं। कुछ रोगियों में लूज मोशन और पेट दर्द की शिकायत हो सकती है। नये सब-वेरिएंट के कारण ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती नहीं होना पड़ा है। हालांकि, ऐसे कुछ मामले हैं जिनमें मरीज को निमोनिया हुआ है। अधिकांश विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि चौथा बूस्टर डोज कुछ हद तक सुरक्षा प्रदान कर सकता है।
क्या बीएफ.7 सब-वेरिएंट ज्यादा घातक है : बीएफ.7 वैरिएंट ओमिक्रॉन का एक वेरिएंट है, जिसमें ओमिक्रॉन की तुलना में अधिक न्यूट्रलाइजेशन रेजिस्टेंस है, जिसका अर्थ है कि टीके या यहां तक कि बाईवेलेंट बूस्टर डोज संक्रमण या पुन: संक्रमण को रोकने में सक्षम नहीं हो सकते। नये वेरिएंट की इनक्यूबेशन पीरियड कम है, यह बताता है कि संक्रमण का पता लगाने के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट प्रभावी नहीं होंगे।
हाई ट्रांसमिशन रेट के साथ, यह मौजूदा एक्सबीबी स्ट्रेन को प्रतिस्थापित करेगा, जो भारत में नए मरीजों में पाया जाने वाला सबसे प्रमुख स्ट्रेन है। अगर इसके प्रसार को रोकने के लिए कदम नहीं उठाये गये तो यह फैल सकता है।
एक अनुमान के अनुसार, BF.7 वेरिएंट से संक्रमित एक व्यक्ति अपने आसपास के 10-18.6 लोगों को संक्रमित कर सकता है। हालांकि, ओमिक्रॉन सब-वेरिएंट की मृत्यु दर अधिक नहीं है, लेकिन विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल बताते हैं कि चीन की 60 फीसदी आबादी तीन महीने के भीतर संक्रमित हो जायेगी और हजारों लोगों के मरने की आशंका है। इसकी मुख्य वजह यह है कि चीनी नागरिकों को दी गई वैक्सीन कोविड-19 के शुरुआती वेरिएंट वाले एक मृत वायरस से विकसित किया गया था, जबकि एमआरएनए टीके म्यूटेशन के खिलाफ अधिक प्रभावी माने जाते हैं।
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