टीम एबीएन, हजारीबाग। इको सिंसेटिव जोन संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों व्यवसाई एवं ग्रामीण पारिस्थितिक संवेदनशील क्षेत्र (ई एस जेड) लागू होने के विरोध में हजारों लोगों ने एक दिवसीय विशाल धरना दिया। हजारीबाग आयुक्त एवं उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल झारखंड को ज्ञापन सौंपा। धरना में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में केंद्र एवं राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि इको सेंसेटिव जोन की बढ़ाई गई दूरी को निरस्त करते हुए सभी 218 गांव को मुक्त किया जाए साथ ही पूरे ग्रामीण क्षेत्र में सेफ्टी जोन का क्षेत्र 25 से 250 मीटर ही रखा जाय तथा सटे वन क्षेत्रों के तरफ विस्तार किया जाए।
बताते चलें कि पूर्व में भी कई बार इको सेंसेटिव जोन की दूरी को बढ़ाया गया। परंतु तत्कालीन डीएफओ दिलीप यादव मुख्यमंत्री रघुवर दास के समय 2019 में बिना ग्रामसभा कि सहमति लिए बगैर इको सेंसेटिव की दूरी ढाई सौ मीटर से बढ़ाकर 5 किलोमीटर कर दिया गया। जिसमें इचाक प्रखंड के 81 गांव, पदमा के 30 गांव, कटकमसांडी के 76 गांव समेत अन्य प्रखंडों के 31 गांव को ईएसजेड में शामिल कर लोगों को विस्थापन के लिए मजबूर किया गया है। ईको सेंसिटिव जॉन के कारण 218 गांवो में बेरोजगारी बढ़ जाएगी, लोग विस्थापन के लिए मजबूर होंगे। लोग न तो पक्के मकान डीप बोरिंग कल कारखाने लगा पाएंगे, न ही क्रेशर, न ईट भट्ठे, न आरा मिल, न होटल, न पेट्रोल पंप समेत अन्य वयवसाई कार्य कर सकेंगे। इसलिए क्षेत्र के लोग सरकार के खिलाफ जनांदोलन के लिए विवश हो रहे हैं।
अब लोगों के पास एक मात्र आंदोलन का रास्ता ही बचा है। अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष भागवत प्रसाद मेहता और संचालन ओम प्रकाश मेहता ने किया। धरना में मुख्य रूप से उपस्थित पूर्व सांसद भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने संबोधित करते हुए कहा की इको सेंसेटिव जोन इस क्षेत्र के लिए अभिशाप बन जायेगा। इसलिए सभी को मिलजुल कर आंदोलन का रुख अपनाना होगा। जिला परिषद चेयरमैन उमेश मेहता ने कहा की हर घर से लोगों को निकल इस आंदोलन में कूदना होगा तभी हम सब इस आंदोलन को जीत पायेंगे। बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद ने कहा कि इस कानून के लागू होने से क्षेत्र की प्रगति रुक जायेगी। आप सभी आंदोलनकारी आंदोलन को जारी रखें जब तक जीत नहीं होती है आप जब भी हमें बुलाएंगे आंदोलन के लिए मैं बेटी बनकर आपके साथ आगे-आगे रहूंगी मैं इस मामले को विधानसभा में भी उठाऊंगी बटेश्वर मेहता ने कहा इतिहास कहता है कि आंदोलन के बाद बड़े बड़े फैसले वापस लेने पड़े हैं। इस आंदोलन को गांव से लेकर संसद तक चलाने की जरूरत है।
आरसी मेहता ने कहा कि यह तानाशाह कानून है जिसमें अधिकतर व्यवसाय बंद हो जाएंगे। दिगंबर मेहता ने कहा कि इस आंदोलन में सबों को बढ़ चढ़ कर शामिल होना होगा आंदोलन को मजबूत करने के लिए घर घर पर एक एक आदमी निकले। सीपीएम नेता गणेश कुमार सीटू ने कहां कि इस आंदोलन को लेकर सांसद और विधायक के घर तक जाना होगा और उनका घेराव करना होगा। भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक यादव ने कहा कि इस आंदोलन को भाजपा समर्थन करती है सरकार के इस फैसले से लाखों लोगों का रोजगार प्रभावित होगा।
इनके अलावा जिला परिषद सदस्य बसंत मेहता जिस सदस्य रेनू देवी बिना देवी उप प्रमुख सतेंद्र कुमार, जीप सदस्य, मुनेंद्र मेहता मनोहर राम, पूर्व उप प्रमुख चंद्रदेव मेहता, जदयू नेता अर्जुन मेहता, गौतम नारायण सिंह, पूर्व प्रमुख कौशलनाथ मेहता, कैलाश मेहता, मुखिया संघ के प्रखंड अध्यक्ष रंजीत मेहता, मुखिया चोहन मेहता, नंदकिशोर मेहता, उमेश मेहता, मोदी कुमार, सुनीता देवी, संगीता मेहता, भाजपा मंडल अध्यक्ष जयनंदन मेहता, पश्चिमी मंडल अध्यक्ष सुभाष सोनी, व्यवसाई राजेश मेहता, दिनेश मेहता, पंचायत समिति सदस्य मुकेश उपाध्याय, महेंद्र पांडे, पूर्व मुखिया संतोष मेहता, सुनील मेहता, महेंद्र दास, डेग्नारायण मेहता, अशोक यादव, विजय राम, चंदन मेहता, जोधन मेहता, कुशलचंद मेहता, प्रमुख प्रतिनिधि सिकंदर दास, भुनेश्वर मेहता, प्रकाश मेहता, चंद्रधारी मेहता, दयानंद कुमार, भीम मेहता समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
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