टीम एबीएन, हजारीबाग। जिले के महत्वपूर्ण महाविद्यालयों की स्थिति दिन प्रतिदिन बदतर होती जा रही है और इस मामले में कुलपति की चुप्पी उनकी मौन सहमति प्रतीत हो रही है। मार्खम महाविद्यालय (जो कुछ दिन पूर्व कर्मियों के वेतन मामले में सुर्खियों में रहा) आज महीनों बीत जाने के बाद भी वहां के कर्मियों को पुराना वेतन महाविद्यालय ने काम करवा कर नहीं दिया। मामले में सभी ने खूब राजनीति की लेकिन कर्मियों को हक नहीं मिला। कुछ दिन पूर्व नामांकन में हुई धांधली का मामला भी प्रकाश में आया लेकिन कुलपति के मौन होने के कारण केवल एक संविदा कर्मी पर ही कार्रवाई हुई अभी तक मामले में एफआइआर भी दर्ज नहीं हुआ।
महिला महाविद्यालय में छात्रावास में रह रही छात्राओं की स्थिति भी दयनीय है उन्हें वहां पीने के पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं दी गई है। महीनों से छात्राओं के लिए खरीदी गई बस खड़ी है और छात्राएँ सुविधा नहीं होने से परेशान।
दोनों महाविद्यालय की जहां एक बड़कागांव के छात्रों के लिए तो दूसरा महिला छात्राओं के लिए जिले के शिक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। उसकी व्यवस्था सुधारने हेतु कुलपति को तत्काल वहां के प्रभारी प्राचार्यों को हटा कर एक योग्य प्राचार्य नियुक्त करने का आग्रह झारखंड छात्र मोर्चा के विश्वविद्यालय अध्यक्ष चंदन सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कुलपति से किया है।
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