टीम एबीएन, लातेहार/ रांची। लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड अंतर्गत पंचायत दुरूप और चैनपुर में सैकड़ों एकड़ से अधिक भूमि में मकई की फसल लगी है, लेकिन बारिश से किसान मुसीबत में घिरने लगे हैं। पिछले एक सप्ताह से रोज बारिश हो रही है। इससे मकई की खड़ी फसल बर्बाद होने लगी है। मकई में लगा दाना खेतों में सड़ने लगा है। किसान पिछले तीन महीने से फसल तैयार करने को लेकर खून-पसीना एक किये हुए थे। अब फसल बर्बादी के डर से वे बेचैन हैं। वे समझ नहीं पा रहे है कि अब क्या करें। एक अक्टूबर से लगातार बारिश हो रही है। किसान अपना दर्द साझा करते हुए भावुक हो गये। किसानों ने बातचीत में कहा कि महुआडांड़ प्रखंड में इस वर्ष खरीफ सीजन में धान की फसल को कम बारिश एवं सूखे ने भारी नुकसान पहुंचाया है, लेकिन मकई फसल के दौरान सब ठीक था। उपज अच्छी थी, ऐन व्यक्त पर मकई घर ले जाने का जब समय आया, तब बारिश ने बर्बाद करना शुरू कर दिया। दौना गांव के किसान कमेश सिंह ने कहा कि 10 एकड़ में मकई लगाया हूं। महिला समूह से पत्नी के नाम पर कर्ज लेकर खेती की है। पिछले वर्ष मकई फसल की पैदावार अच्छी नहीं थी, तो आर्थिक रूप से कमजोर किया था। अगर बारिश होती रही तो इस बार की मकई की फसल भी बर्बाद हो जायेगी। लातेहार जिला कृषि पदाधिकारी राम शंकर ने कहा कि नुकसान का आकलन किया जायेगा। इसका सर्वे कर रिपोर्ट जमा करके डायरेक्टर को भेजा जायेगा। अगर किसानों ने राहत फसल बीमा योजना के तहत फॉर्म भरा होगा, तो उन्हें मुआवजा दिया जायेगा।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse