केटीपीएस में जल संकट गहराया, 250 से 300 मेगावाट बिजली उत्पादन में आयी कमी

 

टीम एबीएन, कोडरमा। बिजली नहीं तो पानी नहीं, स्थानीय लोगों को रोजगार दो के मुद्दे पर बरकट्ठा विधायक अमित यादव धरना प्रर्दशन के चौथे दिन भी अपनी मांगों पर अड़े रहे। उन्होंने बताया कि डीवीसी के मुख्य अभियंता ने प्रेस को दिए हुए बब्यान में अपनी कमी को छुपाया है। डीवीसी का पॉलिसी है यूज एंड थ्रो है जिसके तहत डीवीसी यहां लोगों का जमीन लेकर बाहरी लोगों को रोजगार दे कर स्थानीय विस्थापितों के हक को छीन रही है। उन्होंने कहा कि डीवीसी को अगर परेशानी है तो आकर बात करे। जमीन हमारी, पानी हमारा, कोयला हमारा तो सिर्फ पॉल्यूशन लेने के लिए हमलोग हैं। हमें डीवीसी ना ही नौकरी दे रहा और ना ही आरआर पॉलिसी को फॉलो कर रहा है। डीवीसी के में मुख्य अधिकारी आते-जाते हैं और रास्ते का क्या हाल है यह किसी से छुपा नहीं है। बांझेडीह के चारों तरफ की सड़कों को देखिए इससे पता चलता है डीवीसी यहां के जल-जमीन लेकर सिर्फ धोखा देने का काम कर रही है। डीवीसी की ओर से संचालित विद्यालय में शिक्षक नहीं है, मेडिकल वैन को भी बंद कर दिया गया। वहीं डीवीसी के एग्रीमेंट के अनुसार डीवीसी जब भी लोड सैडिंग करने से 4 घण्टे पूर्व झारखण्ड विधुत विभाग को सूचना करेगी। अगर डीवीसी बिना सूचना के बिजली काट सकती है, तो क्या नियम सिर्फ हमारे लिए है। साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले महीने 30 लोगों का गेट पास बनाया गया जिमसें कोडरमा के एक भी लोग नहीं है। उन्होंने तीखे स्वर में कहा कि आर आर पॉलिसी क्या डीवीसी पर लागू नहीं होती, विस्थापन नीति लागू नहीं होती है। हम डीवीसी की गीदड़ भवकी से से डरने वाले लोग नहीं है अगर ये प्लांट बन्द होता है तो हो जाये, हम जेल भी जाने को तैयार हैं। हमारे साथ क्षेत्र के लाखों लोग भी जेल जाने के लिए तैयार हैं। मैं अभी धरने पर बैग एंड बैगेज के साथ बैठा हूं। अगर प्रशाशन को बात करना है तो डैम आये और बात करे। अगर हम यहां स्ट्राइक पर बैठें तो डीवीसी बात क्यों नहीं कर सकती है। अगर, डीवीसी का प्लांट ट्रिप हो रहा है तो आकर बात करे प्रबंधन। विधायक अमित यादव ने कहा कि बिजली नहीं तो पानी नहीं, स्थानीय लोगों को रोजगार के मुद्दे पर हम हिलने वाले नहीं हैं। वहीं धरना-प्रदर्शन में कोडरमा युवा नेता विशाल भदानी सांसद प्रतिनिधि मनोज साव, ललित शर्मा, इंद्रदेव यादव, रामजी यादव, विजय यादव, विनोद यादव, मनोहर मोदी, अशोक रजक, वासुदेव यादव, परसबाद मंडल अध्यक्ष शशि भूषण चौधरी, एजाज खान, किशोर यादव, परमानंद गिरी, अरविंद यादव, गोबिंद यादव, उमेश यादव, शशिकांत चौधरी, राजेन्द्र राम, मनोज यादव, रामाशीष सिंह, राम लखन यादव, विजय पंडित, भाजपा जयनगर मंडल मीडिया प्रभारी, दीपक बर्णवाल सुनील यादव, विकाश चौधरी, सुभाष कुमार व अन्य सैकड़ों लोग मौजूद थे। केटीपीएस की पानी आपूर्ति शुरू नहीं हुई तो बिजली उत्पादन हो ठप सकता है। उपायुक्त कोडरमा से मिल वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। केटीपीएस के मुख्य अभियंता एनके चौधरी ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि एग्रीमेंट के अनुसार 600 मेगावाट बिजली झारखण्ड सरकार को दे रही हैं। वहीं झारखंड सरकार का विधुत सप्लाई की परिक्रिया सही नहीं जिसके वजह से बिजली की कटौती की जाती है। केटीपीएस मुख्य अभियन्ता एनके चौधरी ने यह भी बताया कि केटीपीएस का कार्य सिर्फ बिजली का उत्पादन करना है। बिजली आपूर्ति का जिम्मा झारखण्ड विधुत बोर्ड के दायरे में आती है। केटीपीएस अपने उत्पादन का 60 प्रतिशत यानी 600 मेगावाट झारखण्ड विधुत विभाग दे रही है। उन्होंने बताया कि केटीपीएस की पानी बरकट्ठा विधायक के द्वारा बंद कर दिए जाने से केटीपीएस में जल संकट गहरा गया है। जिसकी वजह से अगले 24 घंटे के भीतर कभी भी केटीपीएस का एक यूनिट यानी 500 मेगावाट बिजली का उत्पादन ठप हो सकता है। ताजा हालात से कोडरमा जिला प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। वहीं उन्होंने कहा कि बरकट्ठा विधायक अमित कुमार यादव चाहें तो कभी भी वार्ता करने के लिए आमंत्रित हैं। कुल मिलाकर कहा जाए तो केटीपीएस प्रबंधन औऱ बरकट्ठा विधायक अमित कुमार यादव के बीच बिजली आपूर्ति को लेकर तल्खी तज हो चुकी है और इसमें अब जिला प्रशासन की क्या भूमिका होती है, ये देखने योग्य होगी।

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