एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्ड जारी करने के लिए एक नई सुविधा की शुरुआत की है। यह नई सुविधा साझा पंजीकरण के आधार पर शुरू की गई है, जिसमें रजिस्ट्रेशन के जरिए बेघर लोगों, निराश्रितों, प्रवासियों और अन्य पात्र लाभार्थियों का राशन कार्ड आसानी से बनाया जा सकेगा। आपको बता दें कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) करीब 81.35 करोड़ व्यक्तियों के लिए अधिकतम कवरेज प्रदान करता है। फिलहाल इस अधिनियम के तहत करीब 79.77 करोड़ लोगों को अत्यधिक रियायत आधार पर खाद्यान्न दिया जाता है। माई राशन - माई राइट : केंद्रीय खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने जानकारी दी है कि सामान्य पंजीकरण सुविधा (माई राशन-माई राइट) का उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पात्र लाभार्थियों की शीघ्र पहचान करना है ताकि उनका राशन कार्ड बनाने में किसी भी तरह की कोई दिक्कत न आए। पांडे ने बताया कि बीते 7 से 8 वर्षों में अनुमानित 18 से 19 करोड़ लाभार्थियों से जुड़े लगभग 4.7 करोड़ राशन कार्ड विभिन्न कारणों से रद्द कर दिए गए हैं। 11 राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट के रुप में चलेगी योजना : केंद्रीय खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने कहा कि वेब आधारित यह नई सुविधा फिलहाल 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पायलट आधार पर लागू की गई है। माह के अंत तक सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शुरू कर दिया जायेगा। इन 11 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश असम, गोवा, लक्षद्वीप, महाराष्ट्र, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, पंजाब और उत्तराखंड शामिल हैं। राशन कार्ड मित्र का दायित्व कोई भी डिजिटल की समझ रखने वाला व्यक्ति निभा सकता है, जिसे सामाजिक दायित्व के तौर पर निभा सकता है। उन्होंने कहा कि "एक देश-एक राशन कार्ड" परियोजना की सफलता के बाद मेरा राशन-मेरा अधिकार को लांच किया गया है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse