एबीएन बिजनेस डेस्क। सरकार चीनी निर्यात पर एक करोड़ टन के मात्रात्मक प्रतिबंध में ढील देगी और सितंबर को समाप्त होने वाले चालू विपणन वर्ष में अतिरिक्त 12 लाख टन निर्यात खेप को अनुमति प्रदान करेगी। मई के अंत में, केंद्र ने चीनी की घरेलू उपलब्धता और मूल्य स्थिरता बनाये रखने के लिए विपणन वर्ष 2021-22 (अक्टूबर-सितंबर) में चीनी निर्यात को एक करोड़ टन पर सीमित रखने का फैसला किया था। चीनी मिलों ने चालू विपणन वर्ष में अब तक लगभग एक करोड़ टन चीनी का निर्यात किया है, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। उद्योग की मांग रही है कि निर्यात सीमा बढ़ाई जानी चाहिए। यहां एक कार्यक्रम से इतर खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने कहा कि सरकार और 12 लाख टन चीनी निर्यात की अनुमति देगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जल्द ही अधिसूचना जारी की जायेगी। विपणन वर्ष 2020-21 में चीनी का निर्यात 70 लाख टन रहा, जो पिछले वर्ष के 59.6 लाख टन से अधिक है। खाद्य मंत्रालय ने इस सप्ताह के आरंभ में एक बयान में कहा था, मौजूदा चीनी सत्र 2021-22 में एक अगस्त 2022 तक लगभग 100 लाख टन (एक करोड़ टन) चीनी का निर्यात किया गया है और निर्यात के 112 लाख टन का स्तर छूने की संभावना है। उद्योग निकाय भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) ने अनुमान लगाया है कि इथेनॉल निर्माण के लिए गन्ने का इस्तेमाल बढ़ने के कारण भारत का चीनी उत्पादन अक्टूबर से शुरू होने वाले विपणन वर्ष 2022-23 में थोड़ा घट सकता है। सितंबर को समाप्त होने वाले चालू विपणन वर्ष में चीनी का उत्पादन 3.6 करोड़ टन होने का अनुमान है।
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