टीम एबीएन, रांची। राजधानी रांची में एटीएम से रुपए चोरी करने के गिरोह का खुलासा हुआ है। बता दें कि राजधानी के 17 एटीएम से एक करोड़ 81 लाख रुपए की चोरी का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। रांची के 17 एटीएम को अपना निशाना बनाया : पूरा मामला राजधानी रांची का है। जहां बैंक के एटीएम में पैसे डालने के दौरान राजधानी रांची के 36 एटीएम की जिम्मेवारी अमित कुमार और सुभाष को मिली थी। दोनों मास्टरमाइंड ने फिल्मी स्टाइल में 17 एटीएम को अपना निशाना बनाया। 17 एटीएम से इन दोनों ने एक करोड़ 81 लाख रुपए कैश पर हाथ साफ कर दिया और इतना बड़ा अमाउंट खर्च करना दोनों के लिए बड़ी चुनौती बन गई। पुलिस ने इस मामले के दो आरोपियों को धर दबोचा : जुए में रुपये लगाकर रातों-रात ये दोनों अरबपति बनना चाहते थे। एटीएम से रुपए चोरी कर नगद रुपए को खर्च करना दोनों के लिए बड़ी चुनौती थी। इसके बाद दोनों ने अपने साथियों के साथ मिलकर पैसे खर्च करने की तैयारी की लेकिन इस सब के बीच पुलिस ने मुख्य दो आरोपियों को धर दबोचा। रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र से दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। सिटी एसपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। इस पूरे मामले को लेकर सिटी एसपी ने कहा कि लगातार एटीएम में चोरी की शिकायत मिल रही थी, जिसके बाद पुलिस ने एक टीम का गठन कर इस पूरे मामले का खुलासा किया। हालांकि आज इन दोनों की गिरफ्तारी हुई जिन्होंने इस पूरे घटना को अंजाम दिया था। कुछ दिन पहले और 2 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जिन लोगों पर आरोप था कि चोरी के रुपए को इनके द्वारा खपाया जा रहा था। हालांकि पुलिस ने आज दोनों मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया, जिनके पास से 70 लाख रुपए कैश बरामद किए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि और पैसे कहां-कहां कब खर्च हुआ है और इनके साथ अन्य जो और सदस्य हैं उनकी भी जल्द गिरफ्तारी कर ली जायेगी। एक करोड़ 85 लाख रुपए की चोरी का कंपनी ने लगाया था आरोप : सीएमएस कंपनी जिसका ऑफिस ओल्ड एजी कॉलोनी थाना गुड़ा में है। इस कंपनी के द्वारा विभिन्न बैंकों के एटीएम में पैसा डालने का काम करती थी। कंपनी के द्वारा अपने कर्मचारी अमित कुमार मांझी और सुभाष चेल के विरुद्ध एटीएम में डालने के लिए प्राप्त रुपए में से एक करोड़ 85 लाख रुपए की चोरी करने का आरोप में मामला दर्ज कराया गया था। एटीएम में पैसे डालने के नाम पर करते थे हेराफेरी : इस पूरे मामले पर अरगोड़ा थाना प्रभारी ने बताया कि किस तरह दोनों मास्टरमाइंड इस घटना को अंजाम देते थे। उन्होंने कहा कि इन लोगों द्वारा बैंकों के कुल 36 एटीएम में रुपए डाले जाते थे। इसी दौरान इन लोगों ने 17 एटीएमों को निशाना बनाया था, जिसमें ये बैंक से रुपए लाकर एटीएम के अंदर प्रवेश करते थे और बाहर का शटर गिराकर बैंक से रुपये पीछे रख दिया करते थे और एटीएम में अपलोड कर दिया करते थे कि रुपये डाल दिए गए हैं और आसानी से कुछ देर बाद एटीएम में जाकर पीछे से रुपए निकाल कर लेकर चल जाते थे। कई एटीएम में तो रुपए डालने के बहाने बैंक के रुपए और एटीएम में जो रुपए बचे थे उस पर भी हाथ साफ कर दिया गया और 17 एटीएम में चोरी की घटना को अंजाम देकर यह झारखंड से बाहर चले गए और फिर रुपए खपत नहीं कर पाए तो दोबारा लौटकर रांची आकर अपने रिश्तेदारों के बीच रुपए खपाना चाहते थे, इसी दौरान पुलिस ने इन दोनों को दबोच लिया। बहरहाल, एटीएम को निशाना बनाने वाले इस गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इसे बड़ी कामयाबी मान रही है। मगर आज भी रांची मैं इस तरह की कई घटनाएं सामने आ रही है, इन घटनाओं पर आने वाले समय में कब तक पुलिस लगाम लगा पाती है, वह आने वाला समय बतायेगा।
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