टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी और सक्रिय होते पश्चिमी विक्षोभ के कारण राज्य के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों के भीतर बारिश की प्रबल संभावना जतायी गयी है।
पिछले कुछ दिनों से आसमान साफ रहने के कारण बढ़ रही तपिश के बीच, बादलों की आवाजाही शुरू हो गयी है, जो जल्द ही गरज-चमक के साथ फुहारों में बदल सकती है। मौसम विभाग के संकेतों ने साफ कर दिया है कि अब लोगों को अपनी छतरियां तैयार रख लेनी चाहिए।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का सबसे ज्यादा असर राज्य के मध्य और दक्षिणी जिलों में देखने को मिलेगा। इनमें राजधानी रांची, खूंटी, हजारीबाग, रामगढ़ के साथ-साथ दक्षिणी हिस्से के जमशेदपुर, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं।
विशेषकर जमशेदपुर और सरायकेला जैसे इलाकों में जहां फरवरी में ही मई-जून जैसी गर्मी का अहसास होने लगा है, वहां यह बारिश लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आयेगी। आंशिक बादलों के कारण दोपहर की चिलचिलाती धूप से भी थोड़ी निजात मिलने की उम्मीद है।
बारिश से पहले, यानी 21 से 23 फरवरी के बीच राज्य के लोगों को कड़ाके की धूप और हल्की गर्म हवाओं का सामना करना होगा। दक्षिणी जिलों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 17 डिग्री के आसपास रहेगा। वहीं, राज्य के वे जिले जो आमतौर पर ठंडे माने जाते हैं जैसे पलामू, लातेहार, लोहरदगा, चतरा और गढ़वा वहां भी पारे में तेजी से उछाल देखा जा रहा है।
इन क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान जो पहले 10 डिग्री से नीचे था, अब बढ़कर 13 डिग्री तक पहुंच गया है, वहीं अधिकतम तापमान भी 31 डिग्री को पार कर चुका है। कुल मिलाकर, झारखंड में इस समय मौसम के दो रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ दोपहर की झुलसाने वाली धूप गर्मी का अहसास करा रही है, तो दूसरी तरफ आने वाली बारिश प्री-मानसून जैसा अहसास कराने को बेताब है।
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