एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। खरसावां गोलीकांड में शहीद हुए वीरों को श्रद्धांजलि देने के लिए गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां शहीद स्थल पहुंचे। मौके पर मुख्यमंत्री के साथ मंत्री दीपक बिरुवा, सिंहभूम की सांसद जोबा मांझी, चक्रधरपुर के विधायक सुखराम उरांव, खरसावां के विधायक दशरथ गागराई और ईचागढ़ की विधायक सविता महतो भी मौजूद रहीं।
मुख्यमंत्री ने शहीदों को नमन करते हुए घोषणा की कि खरसावां गोलीकांड में शहीद हुए लोगों को चिह्नित कर उन्हें सम्मान देने के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि गोवा गोलीकांड की तर्ज पर खरसावां गोलीकांड के शहीदों को सम्मान दिया जाएगा।
इसके लिए एक विस्तृत मसौदा तैयार किया जा रहा है, जिसमें यह तय किया जायेगा कि प्रशासनिक अधिकारियों की क्या भूमिका होगी और शहीदों की पहचान किस प्रक्रिया से की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही इस मसौदे को अंतिम रूप दिया जायेगा। आयोग में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को शामिल किया जायेगा और अगले वर्ष के शहीद दिवस से पहले शहीदों की पहचान कर उन्हें सम्मानित किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि झारखंड के अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से भी आदिवासी समाज के लोग हर वर्ष खरसावां आकर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं। दशरथ गागराई ने बताया कि वर्ष 2014 में विधायक बनने के बाद उन्होंने विधानसभा में न्यायिक आयोग गठित करने की मांग उठायी थी।
इसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने जांच आयोग का गठन किया, जिसमें दो शहीदों खरसावां के महादेव बूटा और कुचाई के बाईडीह निवासी सिंगराय बोदरा को चिह्नित कर उनके परिजनों को एक-एक लाख रुपये की सहायता दी गयी थी। हालांकि, वर्ष 2017 में कुछ घटनाओं के बाद शहीदों के चिन्हीकरण की प्रक्रिया रुक गयी थी।
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