टीम एबीएन, रांची। रांची शक्तिपीठ की शाखा इकाइयों में गायत्री परिवार प्रज्ञा मंडल, महिला मंडल,गायत्री साधक- शिष्यों ने नव वर्ष पर अपनी अपनी शाखाओं में 1,3 व 5 कुंडीय महायज्ञ अनुष्ठान विधान किये। यज्ञीय विधान विस्तार से करते हुए सर्वदेव पूजन-अर्चन और स्वस्तिवाचन, पूर्णाहुति, आरती उपरांत यज्ञीय प्रार्थना में सभी के व्यक्तिगत जीवन, पारिवारिक खुशहाली, सामाजिक विकास और वसुधैव कुटुंबकम के कल्याणकारी, हितकारी भाव की घोषणा व जयघोष करते हुए वाचन मंत्र पाठ किया गया।
आगे पुरोहित ने बताया कि मंत्रों के माध्यम से सूक्ष्म जगत में भावना का प्रवाह भाव प्रेषित किया जाता है। इसी भाव से शुभ कामना पाठ मंत्र सर्वे भवन्तु सुखिन: मा कश्चित दु:खमाप्नुयात की मंगलकामना की गयी।
भावार्थ भी बताया कि हमें सबके लिए मंगलकामना करनी चाहिए। सभी सुखी होवें, सभी निरोग, रोगमुक्त रहें, सभी मंगलमय भाव के प्रार्थी बनें, किसी को भी दु:ख न होवे, न भागी बनना पड़े।
दोपहर में स्थानीय महिला मंडल प्रतिनिधित्व में जप-अनुष्ठान, सत्संग गीत, भजन-कीर्तन कर सबके लिए स्वस्थ-सुखद जीवन, सद्बुद्धि और शांति समृद्धि की शुभ कामनाएं की गयी। उक्त जानकारी गायत्री परिवार के वरिष्ठ साधक सह प्रचार-प्रसार प्रमुख जय नारायण प्रसाद ने दी।
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